शहर में बेलगाम घूमते आवारा गोवंश पर लगाम लगा पाना नगर परिषद के बस के बाहर दिखाई दे रहा है। नप आवारा घूमते गोवंश को पकड़ कर गोशालाओं में पहुंचाने का अभियान तो चलाता है, लेकिन उसका अभियान कभी सिरे नहीं चढ़ पाया है। इसी का नतीजा है कि शहर में इन आवारा गोवंश के झुंड दिखाई देते हैं। शहर के हुडा सेक्टर में अक्सर अनेक गोवंश समूह में नजर आते हैं। यहां के लोगों ने बताया कि कई बार आपसी लड़ाई में गोवंश उनकी गाड़ी तोड़ चुके हैं। ऐसे में इन गोवंश के कारण आमजन को बेवजह ही आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। जबकि अधिकारी अभियान के नाम पर महज खानापूर्ति कर रहे हैं। शहर में रेवाड़ी रोड व निजामपुर रोड पर दो गोशालाएं मौजूद हैं और इन गोशालाओं में करीब 2 हजार गोवंश मौजूद हैं। साथ ही नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम के पास एक उपचार शाला मौजूद है और सिंघाना रोड पर गांव रघुनाथपुरा के पास एक नंदी शाला है। जहां पर करीब 1 हजार गोवंश मौजूद हैं। ऐसा नहीं है कि इन गोशालाओं में गोवंश के लिए जगह मौजूद नहीं है, इसके बावजूद भी गोवंश सड़कों व मोहल्लों में घूमते दिखाई दे रहे हैं। इन गोशालाओं में सरकार के अलावा आमजन, विधायक, अधिकारी व सामाजिक संस्थाओं की ओर से खुलकर दान दिया जाता है। साथ ही आमजन व संस्थाएं समय समय पर गोवंश के लिए सवामनी व हरे चारे की भी व्यवस्था करते हैं। ऐसे में आवारा घूम रहे गोवंश कचरा खाने को मजबूर हैं।