नारनौल। जिले में गोवंश में लंपी का प्रकोप अभी पूरी तरह थमा नहीं है। बीमारी की चपेट में आने से अब तक छह गोवंश की मौत हो चुकी है, जबकि 157 संक्रमित गोवंश का उपचार चल रहा है। राहत की बात यह है कि शुक्रवार को बीमारी से किसी गोवंश की मौत नहीं हुई। जिले में अब तक कुल 523 गोवंश लंपी से संक्रमित पाए गए हैं। इनमें से 366 गोवंश उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में 157 गोवंश संक्रमित हैं पशुपालन विभाग ने संक्रमण पर नियंत्रण के लिए टीकाकरण और उपचार अभियान तेज किया हुआ है। विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रख रही हैं और पशुपालकों को बीमारी से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बरतने के लिए जागरूक किया जा रहा है। पशुपालन विभाग ने लंपी के संक्रमण को रोकने के लिए जिले में बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया गया है। अब तक 57 हजार से अधिक गोवंश को टीके लगाए जा चुके हैं। विभाग के पास फिलहाल 4100 टीके की खुराकें उपलब्ध हैं, ताकि जरूरत वाले क्षेत्रों में तत्काल टीकाकरण किया जा सके। गोशालाओं में भी सतर्कता : हाल में लंपी के मामले सामने आने के बाद गोशालाओं में भी एहतियात बढ़ाई गई है। बाहर से आने वाले गोवंश की आवाजाही को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। विभाग का जोर संक्रमित पशुओं को अलग रखने और समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर है। वर्जन: जिले में अब तक कुल 523 गोवंश लंपी से संक्रमित पाए गए हैं। इनमें से 366 गोवंश उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में 157 गोवंश संक्रमित हैं, जिनका पशु चिकित्सकों की निगरानी में उपचार किया जा रहा है। नसीब सिंह, उपनिदेशक पशुपालन विभाग, नारनौल।