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रात 10 बजे से बिजली कर्मचारियों की हड़ताल, खराबी आई तो कौन करेगा ठीक; ब्लैकआउट का खतरा

बिजली कर्मचारी व डिप्लोमा इंजीनियरिंग एसोसिएशन के साझा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर कर्मचारियों ने मंगलवार को महावीर चौक पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर व एचईआरसी के अध्यक्ष मुकेश गर्ग के पुतले फूंके। इससे पहले अधीक्षक अभियंता कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया गया, जिसकी अध्यक्षता पावर एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र पाल यादव ने की, जबकि मंच संचालन सर्कल सेक्रेटरी सत्यवान यादव ने किया। कर्मचारियों ने हरियाणा विद्युत नियामक आयोग द्वारा गुरुग्राम व नूंह में बिजली वितरण के लिए पैरेलल लाइसेंस देने के फैसले और 11 पावर लिमिटेड से जुड़े मुद्दों का विरोध किया। केंद्रीय परिषद के सचिव सुभाष रोहिला व सर्कल सचिव किरोडीमल सैनी ने कहा कि पैरेलल लाइसेंस से सरकारी बिजली निगमों की व्यवस्था, कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा और उपभोक्ताओं के हित प्रभावित होंगे। यदि इस पर रोक नहीं लगाई गई तो कर्मचारी 22 से 24 अक्टूबर तक तीन दिवसीय हड़ताल पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि बिजली व्यापार नहीं, बल्कि जनता की बुनियादी जरूरत है। इसलिए सार्वजनिक व्यवस्था को मजबूत रखना जरूरी है। निजी कंपनियों को पैरेलल लाइसेंस देने से निगम को नुकसान होगा और बिजली आम आदमी की पहुंच से दूर हो जाएगी। यूनिट प्रधान सत्य प्रकाश यादव व सचिव प्रमोद शर्मा ने बताया कि फैसले के विरोध में 21 अक्टूबर को उपायुक्त कार्यालय के सामने भी पुतला दहन किया जाएगा। इस अवसर पर एसडीओ वीर सिंह, राकेश, दीपक और राज्य ऑडिटर धर्मवीर भाटी सहित अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे।

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