जींद। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने वाली जींद की बेटी नीरू ढांडा का बुधवार को उनके पैतृक गांव संगतपुरा में जोरदार स्वागत किया गया। गोल्डन गर्ल के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने बम-पटाखे फोड़कर खुशी मनाई। उन्हें वाहनों के काफिले के साथ गांव तक लाया गया। समारोह का सबसे भावुक पल वह रहा, जब नीरू ने अपने स्वर्ण पदक मां सुदेश को पहनाए। बेटी की उपलब्धि देखकर मां की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। नीरू ने मां से कहा कि उनके आशीर्वाद से ही वह देश के लिए पदक जीत पाई हैं। नीरू ढांडा ने भी खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खिलाड़ी का जज्बा और लगातार मेहनत ही उसे उसके लक्ष्य तक पहुंचाते हैं। समारोह में नीरू के पिता सुरेश, आईएएस जयबीर आर्य, ढांडा खाप प्रधान देवव्रत आर्य, डॉ. राज सैनी, कुलदीप रंधावा, सोमवीर पहलवान, सुरेंद्र पंवार, सुनील सरपंच, जिला खेल अधिकारी रामपाल हुड्डा, जिला शिक्षा अधिकारी मुन्नी देवी मौजूद रही। नीरू के सम्मान में आयोजित समारोह में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा और डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्णलाल मिड्ढा पहुंचे। तीनों नेताओं ने नीरू को बधाई देते हुए 15-15 लाख रुपये की सम्मान राशि देने की घोषणा की। उन्होंने नीरू को आगामी ओलंपिक खेलों की तैयारी में जुटने और देश के लिए और पदक जीतने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि किसी भी खिलाड़ी की सफलता के पीछे वर्षों की मेहनत, अभ्यास, अनुशासन और दृढ़ संकल्प होता है। नीरू ने अपनी प्रतिभा के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाया है। उनकी उपलब्धि अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की रुचि और प्रतिभा पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने के अवसर देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया जैसी पहल से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर मिल रहे हैं। प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर पर प्रशिक्षण देने के लिए करीब 1500 खेल नर्सरियां स्थापित की गई हैं। खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। नीरू अब पूरे देश की बेटी कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि नीरू की उपलब्धि पूरे हरियाणा के लिए गर्व की बात है। उनकी सफलता प्रदेश की दूसरी बेटियों को भी खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने खिलाड़ी के संघर्ष में परिवार के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्णलाल मिड्ढा ने नीरू और उनके परिवार को बधाई देते हुए कहा कि साधारण परिवार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना उनकी मेहनत और लगन का परिणाम है। नीरू अब केवल अपने गांव या खाप की बेटी नहीं, बल्कि पूरे देश की बेटी बन चुकी हैं।