जींद। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने लघु सचिवालय के बाहर धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने बिजली वितरण क्षेत्र में इलेवन कंपनी को लाइसेंस देने के विरोध में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) के अध्यक्ष मुकेश गर्ग के पुतले फूंके। विजयदशमी के अवसर पर कर्मचारियों ने बिजली बोर्ड के निजीकरण के प्रयासों को रावण के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करते हुए सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन की संयुक्त अध्यक्षता सर्किल सचिव धर्मबीर भंभेवा, सुनील छाछिया और जींद के एक्सईएन विकास मलिक ने की, जबकि मंच संचालन सर्किल सचिव अनिल पूनिया ने किया। सभा को संबोधित करते राज्य उपप्रधान संजीव ढांडा ने कहा कि प्रदेश सरकार बिजली क्षेत्र में कर्मचारी और उपभोक्ता विरोधी फैसले ले रही है। स्मार्ट मीटर योजना, बिजली वितरण निगमों के पुनर्गठन, पावर लाइसेंस जारी करने और कर्मचारियों की लंबित मांगों की अनदेखी से कर्मचारियों में रोष है। उन्होंने कहा कि सरकार ने समय रहते मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने सभी कर्मचारियों से 22, 23 और 24 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित हड़ताल में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हड़ताल को सफल बनाकर सरकार पर कर्मचारियों की जायज मांगों पर विचार करने का दबाव बनाया जाएगा। सभा के अंत में कर्मचारियों और अधिकारियों ने मांगों का समाधान होने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। बाक्स 21 अक्टूबर को सब यूनिटों पर लाइसेंस की प्रतियां जलाएंगे कर्मचारी कर्मचारी नेताओं ने घोषणा की कि 21 अक्टूबर को जींद जिले की सभी सब यूनिटों में इलेवन कंपनी को दिए गए लाइसेंस की प्रतियां जलाकर विरोध जताया जाएगा। प्रदर्शन में विभिन्न कर्मचारी और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी पहुंचकर समर्थन दिया।