जींद। करीब 20 दिन से सफाई कर्मचारियों के धरने के कारण चरमराई शहर की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए नगर परिषद प्रशासन ने रविवार रात कड़ा रुख अपनाते हुए ऑपरेशन क्लीन चलाया। देर रात शुरू हुआ विशेष सफाई अभियान सुबह करीब पांच बजे तक जारी रहा। इस दौरान सफाई कर्मचारियों को रोके रखा और पुलिस लगाकर सफाई करवाई। सुबह विवाद ज्यादा गहराया तो सफाई को रुकवाना पड़ा। जिला नगर आयुक्त (डीएमसी) अनिल दून ने खुद मोर्चा संभाला और पूरी रात सड़कों पर रहकर सफाई अभियान की निगरानी की। अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम ने शहर के प्रमुख मार्गों पर जमा कचरे को युद्धस्तर पर हटाया। हालांकि, सुबह सफाई कर्मचारियों के विरोध के बाद प्रशासन को अभियान रोकना पड़ा। रविवार दोपहर हुई बैठक के बाद प्रशासन ने साफ कर दिया था कि सफाई व्यवस्था को आंदोलन के कारण पूरी तरह ठप नहीं होने दिया जाएगा। इसके बाद रात में उपलब्ध संसाधनों और अतिरिक्त पावर को एक साथ मैदान में उतारा गया। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी सुशील भुक्कल, एमई अमित, जेई पंकज व जय जैन, लेखाकार अशोक सैनी समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी अभियान में जुटे रहे। बाक्स जिस मार्ग पर दिनों से कचरा था, वहां रात में उतरी पूरी टीम शहर के मुख्य मार्गों और बाजार क्षेत्रों में कई दिन से जमा कचरे को प्राथमिकता के आधार पर उठाया गया। प्रशासन ने उपलब्ध मशीनरी, सफाई संसाधनों और कर्मचारियों को अलग-अलग टीमों में लगाया। अधिकारियों का फोकस ऐसे स्थानों पर रहा जहां कचरे के ढेर के कारण आवागमन और लोगों को परेशानी हो रही थी। बाक्स डीएमसी अनिल दून खुद मौके पर पहुंचकर सफाई कार्य की प्रगति देखते रहे। जहां अधिक कचरा मिला, वहां तत्काल अतिरिक्त संसाधन लगाए गए। प्रशासनिक टीम ने रात के समय कम यातायात का फायदा उठाकर तेजी से सफाई करवाई। सुबह लोगों के सड़कों पर निकलने से पहले मुख्य मार्गों को साफ करने का लक्ष्य रखा गया था। बाक्स पुलिस बल भी रहा तैनात, विरोध की आशंका के बीच प्रशासन ने चलाया अभियान विशेष सफाई अभियान के दौरान पुलिस बल की भी व्यवस्था की गई थी। प्रशासन का प्रयास था कि सफाई कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए। पुलिस की मौजूदगी में नगर परिषद की टीम ने रातभर अभियान चलाया और कचरा उठाने के काम को गति दी। बाक्स कर्मचारियों को भनक लगी तो सुबह शुरू हुआ विरोध रातभर चले अभियान की जानकारी सफाई कर्मचारियों को लगी तो उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने कहा कि जब वे अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए उनकी जगह सफाई करवाना उचित नहीं है। विरोध बढ़ने के बाद नगर परिषद प्रशासन ने विशेष अभियान रोक दिया। बाक्स शहर को साफ रखना प्रशासन के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक की भी जिम्मेदारी है। रविवार को डीएमसी ने सामाजिक संस्थाओं और समाजसेवियों की बैठक लेकर वर्तमान परिस्थितियों में प्रशासन का सहयोग करने की अपील भी की थी। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम इस्तेमाल किया जाएगा। -- सुशील भुक्कल ईओ नगर परिषद जींद।