जिला प्रशासन ने पांच दिन के बाद देर रात को एक बार फिर से शहर में सफाई अभियान चलाया। मंगलवार रात से बुधवार सुबह 4 बजे तक सफाई कर्मी और प्रशासन आमने-सामने रहे। अल सुबह सफाई कर्मियों और प्रशासन के बीच बीतचीत हुई, लेकिन सफाई कर्मी नहीं माने। इसके बाद सुबह 5 बजे पुलिस ने सफाई कर्मियों को हिरासत में लिया और रोडवेज बसों में जबरबस्ती डालकर लें गए। इसके बाद बीकानेर चौक पर भी सफाई करवा दी गई। इससे पहले मंगलवार देर रात रेवाड़ी रोड से प्रशासन ने सफाई की शुरुवात की। उसके बाद भगत सिंह चौक, माता गेट, सीताराम गेट, छारा चुंगी, आंबेडकर चौक पर बुलडोजर की सहायता से कूड़ा उठवाकर ट्रकों में लोड करवाया गया। पूरा काम ड्यूटी मैजिस्ट्रेट की निगरानी में किया गया। हालांकि सफाई कर्मी सूचना पाकर नगर परिषद के सफाई कर्मी भट्ठी गेट पर पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सफाई कर्मी भट्ठी गेट पर भी दुकानों के बाहर बैठ गए और प्रशासन के आने का इंतजार करते रहे। एक तरफ प्रशासन शहर में सफाई करवाता रहा, वहीं दूसरी सफाई कर्मी इंतजार करते नजर आए। शहर में एक बार फिर सफाई होने से लोगों को राहत मिलेगी। वहीं सरकार और प्रशासन की इस कार्रवाई पर सफाई कर्मियों ने नाराजगी जाहिर की और कहा कि प्रशासन को दिन में कूड़ा उठाना चाहिए, तब वह उनकी ताकत भी दिखाए। वहीं अल सुबह बीकानेर चौक पर खड़े सफाई कर्मियों को पुलिस ने हिरासत में लिया और बसों में लें गए। बाद में उनको छोड़ दिया गया। वहीं नायब तहसीलदार अंशुल ने बताया कि उनका सफाई अभियान सही चल रहा हैं। शहर में अधिकतर जगह पर सफाई करवा दी गई हैं। इससे लोगों को राहत मिलेगी। लोग भी सफाई करवाने की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दिन में ट्रैफिक ज्यादा होता हैं, इसलिए रात को सफाई करवाई जा रही हैं ताकि लोगों को परेशानी न हो। पांच दिन पहले भी रात को हुई थी सफाई जिला प्रशासन ने पांच दिन पहले भी शहर में सफाई करवाई थी। पहले भगत सिंह चौक पर पुलिस और सफाई कर्मी आमने सामने हुए थे। यहां से कुछ सफाई कर्मियों को हिरासत में लिया गया था। पूरे शहर की सफाई होने के बाद देर रात भट्ठी गेट पर सफाई करवाई गई थी। तब भी सफाई कर्मियों ने विरोध किया था और पुलिस ने सफाई कर्मियों को हिरासत में लियां था। बाद में सुबह सभी को छोड़ा गया था।