झज्जर। मां आदि शक्ति की उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्र रविवार को कलश स्थापना के साथ शुरू हो गया। विधि विधान से मां के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की गई। इस दौरान विभिन्न मंदिरों में अखंड ज्योत प्रज्वलित की गई। शहर के मंदिरों में पहुंचे श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चना कर मंगलकामना की। मंदिरों में आए श्रद्धालुओं ने जय माता के जयकारें लगाए। पंडित पवन कौशिक, प्रधान सुधांशु हंस ने नवरात्र के पावन पर्व की शुभकामनाएं दीं। नवरात्रि के पहले दिन सिद्ध बाबा प्रसाद गिरी मंदिर, श्री राम मंदिर, मढ़ी दुर्गा माता मंदिर, श्री गोपाल मंदिर, श्री लेखराज मंदिर, श्री दुर्गा मंदिर, श्री प्रेम मंदिर, चौरासी घंटे वाले मंदिर, श्री बूढा महादेव मंदिर, मां वैष्णों चौक, दुर्गा मंदिर, सिद्ध बाबा कांशीगिरि मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सिद्ध बाबा कांशीगिरि मन्दिर के पंडित पवन कौशिक ने बताया की अश्विन नवरात्रि का प्रथम दिन शक्ति स्वरूपा मां शैलपुत्री को समर्पित है। नवरात्रि के 9 दिनों में देवी के नौ रूपों की विशेष आराधना होती है, जिसमें पहले दिन मां दुर्गा की शैलपुत्री के रूप में पूजा की जाती है। कहा जाता है कि शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा करने पर सुख- समृद्धि आती है। नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं ने अखंड ज्योत के दर्शन कर सुख समृद्धि की कामना की। नवरात्र के दिनों में दुर्गा स्तुति, दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा का पाठ करने से मनोकामना पूर्ण होती है। नगर पार्षद सुषमा गोसाई मौजूद रही। कौशिक ने कहा कि नवरात्र के दौरान अखंड ज्योत जलाने का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यतानुसार नवरात्रि के दौरान अखंड ज्योत जलाने से साधक की मनोकामनाएं पूर्ण होती है। मान्यतानुसार घरों में कलश स्थापना के बाद अखंड ज्योत प्रज्वलित की जाती है। ज्योति प्रज्वलित करने से नौ दिन मां आपके घर में विराजमान हैं। अखंड ज्योति से घर में खुशहाली आती हैं और माता का आशीर्वाद प्राप्त होता हैं और मनोकामना पूर्ण होती है। इस अवसर पर समिति के प्रधान सुधांशु हंस, इंदू देवराज भूगड़ा, संगीता वर्मा, आंचल सेठी, पूनम छाबड़ा, संतोष हंस, आशू बजाज, भावना काठपालिया सहित सुषमा गोसाई ने मां भगवती के दरबार में पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लिया और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।