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बहादुरगढ़ में सियासी घमासान, भाजपा पार्षदों पर पालेराम ने उठाए सवाल

बहादुरगढ़। नगर परिषद में विकास कार्यों के श्रेय और राजनीतिक खींचतान को लेकर भाजपा में अंदरूनी घमासान बढ़ता नजर आ रहा है। शनिवार को विधायक राजेश जून के खेमे में गए भाजपा के कुछ पार्षदों ने पत्रकार वार्ता कर नगर परिषद की चेयरपर्सन सरोज राठी पर उनके वार्डों में विकास कार्य रोकने के आरोप लगाए थे। इसके बाद अब भाजपा नेता एवं नगर परिषद के पूर्व वाइस चेयरमैन राजपाल शर्मा उर्फ पालेराम शर्मा चेयरपर्सन सरोज राठी के समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने रविवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता कर इन पार्षदों की कार्यशैली और पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा पर सवाल उठाए। पालेराम शर्मा ने कहा कि खुद को भाजपा का पार्षद और कार्यकर्ता बताने वालों को पार्टी के कार्यक्रमों और संगठन के साथ भी खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये वहीं पार्षद हैं जो सीएम नायब सैनी के कार्यक्रम में भी नहीं आए थे। एक पार्षद तो पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर के कार्यक्रम में कुर्सी फेंककर भाग गया था। पार्टी का बहिष्कार किया था। पार्टी के सभी कार्यक्रमों से ये पार्षद दूरी बनाए रखते हैं, जबकि नगर परिषद में चेयरपर्सन को हटाने की प्रक्रिया में सक्रिय नजर आ रहे हैं। इतना ही नहीं पार्टी विरोधी हर कार्य में भाग लेते हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई पार्षद भाजपा की विचारधारा में विश्वास रखता है तो उसे पार्टी संगठन के साथ भी खड़ा होना चाहिए। अब इसकी सूचना पार्टी हाईकमान को दे दी हैं और इनके स्थान पर आने वाले नगर परिषद चुनाव में दूसरे उम्मीदवारों को पार्टी का टिकट दिलाने का काम किया जाएगा। ये पार्षद यदि पार्टी की विचारधारा में विश्वास रखते हैं तो इनके द्वारा पार्टी संगठन के प्रति निष्ठा भी दिखाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शनिवार को जिन पार्षदों ने अपने वार्डों में विकास कार्य नहीं होने के आरोप लगाए हैं, उनके वार्डों में ही सबसे ज्यादा विकास कार्य हुए हैं। पालेराम ने आरोप लगाया कि विकास कार्यों को लेकर लगाए जा रहे आरोपों के पीछे स्वार्थ की राजनीति है। उन्होंने कहा कि किसी भी पार्षद को विकास कार्यों को लेकर शिकायत है तो उसे सार्वजनिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय चेयरपर्सन के साथ बैठकर समाधान निकालना चाहिए। पूर्व वाइस चेयरमैन ने अपने पद से हटाए जाने के घटनाक्रम का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के कुछ पार्षदों ने विपक्षी पार्षदों के साथ मिलकर उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर उन्हें पद से हटाया था। अब वही पार्षद चेयरपर्सन सरोज राठी के खिलाफ भी मोर्चा खोले हुए हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन पार्टी के मंच और संगठन की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। विकास कार्यों के शुभारंभ को लेकर चल रही श्रेय की राजनीति पर भी पालेराम ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि नारियल फोड़ने से शहर का विकास नहीं होता, बल्कि लोगों की समस्याओं का समाधान करने से विकास होता है। विधायक राजेश जून को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें जनता ने भारी मतों से चुना है और उन्हें सभी जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर शहर के विकास के लिए काम करना चाहिए। 70 हजार वोटों से जिताने वाली जनता और सहयोगियों के भरोसे पर खरा उतरना चाहिए। किसी महाठग गठबंधन के झांसे में नहीं आना चाहिए। इस मौके पर पार्षद राजेश तंवर, पार्षद प्रतिनिधि राजेश सैनी, रणबीर और मनमोहित गुप्ता सहित अन्य मौजूद रहे।

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