महिला एवं बाल विकास विभाग के पोषण माह अभियान के तहत बुधवार को क्षेत्र के बुपनियां, बादली और देवरखाना गांव में जागरूकता की लहर देखने को मिली। बुपनियां स्थित आंगनवाड़ी केंद्र से सुबह एक भव्य प्रभात फेरी निकाली गई, जो गांव की मुख्य गलियों और चौपालों से होते हुए गुजरी। इस दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, आशा वर्कर्स और ग्रामीण महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और लोगों को संतुलित आहार के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता इंदुबाला, सुनीता और देवरखाना गांव की सरपंच ज्योति ने ग्रामीणों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली में जंक फूड का प्रचलन बढ़ रहा है, जो बीमारियों की मुख्य वजह है। इससे बचने के लिए स्थानीय, मौसमी, गाजर, मूली, पालक जैसी हरी सब्जियों और फलों को भोजन में शामिल करना चाहिए। इससे न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि महिलाओं और किशोरियों में खून की कमी की समस्या भी दूर होती है। बुपनियां केंद्र पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मीनू लोहचब ने गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छोटे बच्चों की माताओं को सही पोषण, स्तनपान के महत्व और साफ-सफाई के बारे में विस्तार से जानकारी दी और सभी को प्रतिदिन पोषक आहार लेने की शपथ दिलाई।