लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण सूख रही हरे चारे की फसल को हालिया बारिश से राहत मिली है। खेतों में फिर हरियाली दिखाई देने लगी है, जिससे किसान और पशुपालक खुश हैं। बारिश की कमी से चारे की बढ़वार प्रभावित हो रही थी और सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च बढ़ गया था। अब फसल में सुधार से पशुओं के लिए चारे की चिंता कम हुई है। किसानों का कहना है कि बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ी है। खाली खेतों में आगामी फसलों की तैयारी शुरू हो गई है। किसान गाजर की बिजाई के लिए खेतों की जुताई कर रहे हैं। मौसम अनुकूल रहा तो समय पर बिजाई पूरी की जाएगी।