डिजिटल भुगतान के बढ़ते चलन के बीच, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ट्रांजैक्शन पर सर्विस चार्ज लगाने की चर्चा ने हांसी के व्यापारियों में नाराजगी पैदा कर दी है। व्यापारियों का कहना है कि यदि ऐसा कोई शुल्क लगाया जाता है, तो इसका सीधा असर व्यापार और ग्राहकों दोनों पर पड़ेगा। व्यापारियों की चिंताएं व्यापारियों ने अपनी समस्याओं को लेकर हांसी पहुंचे व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमैन राजेश ठकराल से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में बड़ी संख्या में ग्राहक UPI के माध्यम से भुगतान करते हैं। यदि इस पर सर्विस चार्ज लगाया जाता है, तो यह भार या तो ग्राहकों पर पड़ेगा, जिससे उनकी खरीदारी प्रभावित हो सकती है, या फिर व्यापारियों को स्वयं वहन करना पड़ेगा, जिससे उनके व्यापार पर असर पड़ेगा। दोनों ही स्थितियों में व्यापार के प्रभावित होने की आशंका है। चेयरमैन का आश्वासन व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमैन राजेश ठकराल ने व्यापारियों की समस्याओं को ध्यान से सुना और आश्वासन दिया कि सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई बार जमीनी हकीकत सरकार तक सही ढंग से नहीं पहुंच पाती है, जिससे अधिकारी गुमराह हो सकते हैं। उन्होंने व्यापारियों की चिंता को सरकार के समक्ष रखने और इस विषय में बदलाव की मांग करने का वादा किया। अन्य व्यापारियों की राय भगत सिंह मार्केट के प्रधान दिनेश गोयल ने UPI पर सर्विस चार्ज लगाने को गलत बताते हुए कहा कि सरकार को इसे लागू नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले से ही व्यापार कई तरह के दबावों का सामना कर रहा है और अतिरिक्त शुल्क से व्यापारियों की परेशानी और बढ़ सकती है। वहीं, व्यापारी रिंकू जैन ने कहा कि एक ही ऑनलाइन पेमेंट दिनभर में कई लोगों के बीच घूमती रहती है, ऐसे में हर ट्रांजैक्शन पर सर्विस चार्ज लगाना व्यापारियों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। उन्होंने सरकार से इस पर पुनर्विचार करने की मांग की।