फतेहाबाद। जिले की विभिन्न कॉपरेटिव सोसायटियों और खाद केंद्रों पर डीएपी खाद के रैक पहुंच चुके हैं, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण पीओसी मशीनों के पासवर्ड नहीं मिलने से कई सोसायटियों में पिछले चार दिनों से खाद का वितरण शुरू नहीं हो पाया है। खाद पहुंचने के बावजूद किसान सोसायटियों के बाहर खड़े होकर वितरण शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। दूसरी ओर, इफको खाद केंद्र पर पहुंची 750 बैग डीएपी का वितरण शुरू कर दिया गया है। खाद लेने पहुंचे किसान ईश्वर सिंह, ज्ञानचंद, राकेश कुमार और सुशील कुमार ने बताया कि डीएपी खाद की जरूरत को देखते हुए वे कई दिनों से सोसायटियों के चक्कर लगा रहे हैं। अब जब खाद की खेप पहुंच गई है तो तकनीकी समस्या के चलते वितरण नहीं होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह किसान सुबह से ही सोसायटी के बाहर पहुंच जाते हैं और घंटों इंतजार करने के बाद भी उन्हें खाद नहीं मिल पा रही। किसानों ने जल्द से जल्द पीओसी मशीन की तकनीकी समस्या दूर कर खाद वितरण शुरू करवाने की मांग की है। --- कहां कितनी पहुंची खाद जिले में इस बार विभिन्न स्थानों पर डीएपी खाद के रैक पहुंचाए गए हैं। फतेहाबाद में 1000 बैग, भट्टूकलां में 1350 बैग, जांडवाला बागड़ में 500 बैग, किरढान में 800 बैग, बड़ोपल में 700 बैग, जिल्लोपुर में 700 बैग, रतनगढ़ में 700 बैग, नागपुर में 500 बैग, रतिया में 700 बैग और गोरखपुर में 700 बैग डीएपी पहुंची है। खाद पहुंचने से किसानों को उम्मीद थी कि अब डीएपी के लिए उन्हें भटकना नहीं पड़ेगा, लेकिन पीओसी मशीन की तकनीकी समस्या ने उनकी परेशानी बढ़ा दी। मशीन के पासवर्ड से जुड़ी समस्या के कारण सोसायटियों में खाद की बिक्री दर्ज नहीं हो पा रही है। ऐसे में खाद उपलब्ध होने के बावजूद किसानों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। -- इफको ने शुरू किया खाद का वितरण वहीं, इफको खाद केंद्र पर पहुंची डीएपी की 750 बैग की खेप का वितरण शुरू कर दिया गया है। जिसमें प्रत्येक किसान को 5 बैग दिए गए हैं। इससे 150 किसानों को खाद राहत मिलने के आसार हैं। इससे खाद की किल्लत से जूझ रहे किसानों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि रबी सीजन में डीएपी की मांग अधिक रहती है और समय पर खाद नहीं मिलने से फसल की बुवाई प्रभावित होने का खतरा रहता है। :: पीओसी मशीन तकनीकी समस्या से सोसायटियों में पहुंच चुकी डीएपी का वितरण शुरू नहीं हो सका। जैसे तकनीकी खराबी दूर होगी, खाद का वितरण शुरू कर दिया जाएगा। विनोद कुमार, अकाउटेंट, सहकारी सहमिति, फतेहाबाद।