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चरखी दादरी अनाज मंडी में बाजरा खरीद की स्थिति: किसानों को हो रहा नुकसान

चरखी दादरी अनाज मंडी में बाजरा की सरकारी खरीद शुरू हुए छह दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक खरीद शुरू नहीं हो पाई है। हालांकि, निजी खरीद शुरू हो गई है, लेकिन किसानों को निर्धारित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। निजी आढ़ती किसानों से 2000 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बाजरा खरीद रहे हैं, जबकि सरकार ने बाजरा का बाजार मूल्य 2300 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। इस प्रकार, किसानों को प्रति क्विंटल 100 से 200 रुपये तक का नुकसान हो रहा है। सरकारी खरीद में देरी के कारण किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए निजी व्यापारियों का सहारा लेना पड़ रहा है। किसान लंबे समय से बाजरा लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन सरकारी खरीद में देरी के चलते उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि फसल तैयार करने में लागत लगातार बढ़ रही है, और ऐसे में कम भाव मिलने पर उनकी परेशानी और बढ़ गई है। किसानों ने मांग की है कि मंडी में सरकारी खरीद जल्द शुरू की जाए, ताकि उन्हें बाजरा का उचित मूल्य मिल सके और उन्हें मजबूरी में कम भाव पर फसल न बेचनी पड़े।

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