दादरी जिले के गांव घिकाड़ा, कमोद, रावलधी, समसपुर, खातीवास और साहुवास में हुई ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने खड़ी धान की फसल को जमीन पर बिछा दिया है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों के अनुसार, खेतों में गिरी धान की बालियों से दाने झड़ने और फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा है। इसके अतिरिक्त, पौधों पर बचे दाने भी तेज हवा और धूप के कारण सूख सकते हैं, जिससे पैदावार में भारी गिरावट आने की आशंका है। किसानों ने बताया कि धान की फसल तैयार होने के महत्वपूर्ण समय पर मौसम की इस मार ने उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेती पर होने वाले खर्च के मुकाबले कम पैदावार मिलने की स्थिति में किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, प्रभावित किसानों को राहत प्रदान करने के लिए प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की मांग की गई है। किसानों ने प्रभावित गांवों में खेतों का सर्वे करवाकर नुकसान का आकलन करने और उसके आधार पर उचित मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने प्रति एकड़ एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की है, जिससे उन्हें हुए नुकसान की भरपाई करने में कुछ राहत मिल सके।