ब्राह्मण समाज की चंडाल के साथ तुलना कर दी। इस दौरान वहां पर नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी बैठे हुए थे। हैरानी की बात है कि जिन भूपेंद्र हुड्डा को ब्राह्मणों ने 10 साल तक मुख्यमंत्री बनाकर रखा था, उन्होंन एक बार भी नहीं बोला कि यह गलत बयान है। यह राहुल गांधी से स्क्रीप्ट आती है कि किसी चीज को कैसे डिस्टर्ब किया जाता है।