महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र, चौकमाफी में काला नमक धान की 20 से अधिक प्रजातियां लगाई गई हैं। इनमें काला नमक-1 प्रजाति का उत्पादन इस समय अच्छा हो रहा है। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अवनीश ने बताया कि काला नमक चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। आने वाले दिनों में बहुत कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले चावल भी उगाए जा सकेंगे। उन्होंने आगे कहा कि अगले वर्ष 5 एकड़ कृषि भूमि के लिए आस - पास के किसानों को प्रदर्शन के लिए निशुल्क धान के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे।