भूजल संरक्षण के लिए गुरुग्राम में व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके तहत सेक्टर-38 स्थित ताऊ देवीलाल स्टेडियम के फुटबॉल ग्राउंड के नीचे अंडरग्राउंड वाटर स्टोरेज टैंक बनाने की फिजिबिलिटी स्टडी कराई जा रही है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के सीईओ पीसी मीणा की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में भूजल पर निर्भरता चरणबद्ध तरीके से कम करने का फैसला लिया गया। भूजल का इस्तेमाल कर रहे सभी विभागों को वैकल्पिक स्रोत तलाशने और धीरे-धीरे बोरवेल बंद करने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए प्राकृतिक जलाशयों को पुनर्जीवित करने, अतिक्रमण हटाने, ग्रीन बेल्ट का स्तर नीचे करने और पार्कों को जरूरत के अनुसार बायो-स्वेल के रूप में विकसित करने की योजना है। जीएमडीए फुटबाल स्टेडियम को अपग्रेड करने की योजना रखता है। ऐसे में जीएमडीए आईआईटी दिल्ली के सहयोग से पांच आधुनिक रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर तैयार कर रहा है। सेक्टर-31, सेक्टर-39 और सेक्टर-55 एआईटी पार्क में तीन स्ट्रक्चर बन चुके हैं, जबकि रेजांगला चौक पर चौथे का काम जारी है। हरियाणा वाटर रिसोर्स अथॉरिटी के अनुसार जिले में 142 तालाबों के पुनरुद्धार की योजना में 68 का काम पूरा हो चुका है, जबकि 74 पर काम चल रहा है। मनरेगा के तहत 21 अन्य तालाबों का भी पुनरुद्धार कराया गया है।