गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के अंधियारखोह गांव के बालक छात्रावास में करीब डेढ़ वर्ष पहले किए गए पेंटिंग और दीवार लेखन कार्य की 2 हजार रुपये बकाया मजदूरी मांगना एक मजदूर को भारी पड़ गया। मजदूर ने आरोप लगाया है कि मजदूरी की रकम मांगने पर छात्रावास अधीक्षक ने गाली-गलौज करते हुए लकड़ी के स्टूल से उसके सिर पर हमला कर दिया। हमले में मजदूर के माथे से खून निकलने लगा। घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसके सिर में पांच टांके लगाए गए। मामले में गौरेला पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डेढ़ साल से अटकी थी 2 हजार रुपये मजदूरी
दौंजरा निवासी ओमप्रकाश पुरी के अनुसार, करीब डेढ़ वर्ष पहले उसने अंधियारखोह स्थित बालक छात्रावास में पेंटिंग और दीवार लेखन का काम किया था। काम पूरा होने के बाद उसकी करीब 2 हजार रुपये की मजदूरी बाकी रह गई थी। पीड़ित का कहना है कि वह कई बार छात्रावास अधीक्षक नोहर सिंह धुर्वे से बकाया राशि देने की मांग कर चुका था, लेकिन हर बार बाद में भुगतान करने की बात कहकर उसे टाल दिया जाता था।
तिराहे पर हुई कहासुनी, फिर हमला
पीड़ित के मुताबिक, घटना के दिन वह किसी काम से अंधियारखोह गया था। इसी दौरान अंधियारखोह तिराहे के पास उसकी मुलाकात छात्रावास अधीक्षक नोहर सिंह धुर्वे से हो गई। ओमप्रकाश ने अपनी बकाया मजदूरी के 2 हजार रुपये देने की मांग की। शिकायत के मुताबिक, इसी बात को लेकर अधीक्षक भड़क गए और गाली-गलौज करते हुए कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद पास में रखा लकड़ी का स्टूल उठाकर सिर पर हमला कर दिया गया।
हमले में ओमप्रकाश के माथे पर गंभीर चोट आई और खून निकलने लगा। पीड़ित ने पुलिस को दी शिकायत में घटना को गांव के कोटवार ईश्वर टांडिया द्वारा देखे जाने की बात भी बताई है।
जिला अस्पताल में लगे पांच टांके
घटना के बाद घायल ओमप्रकाश को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने उसके सिर में पांच टांके लगाए। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है और उपचार जारी है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
गौरेला पुलिस ने ओमप्रकाश की शिकायत के आधार पर छात्रावास अधीक्षक नोहर सिंह धुर्वे के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार, मामले में प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और मारपीट से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विवाद किस परिस्थितियों में हुआ और मारपीट की घटना में किसकी क्या भूमिका थी।