लाल सागर में जहाज पर हमला: भारतीय नौसेना ने पनामा के झंडे वाले पोत को बचाया, 22 भारतवंशियों समेत 30 सदस्य सवार
हूती विद्रोही लाल सागर और अदन की खाड़ी के इलाके से गुजरने वाले जहाजों पर बीते कई महीनों से हमले कर रहे हैं। ब्रिटेन की मेरीटाइम सिक्योरिटी फर्म एंब्रे ने बताया है कि हमले के चलते जहाज को नुकसान हुआ है। ताजा घटनाक्रम में हमले के बाद भारतीय नौसेना ने तत्काल कार्रवाई की। जहाज पर सवार 22 भारतवंशी समेत चालक दल के 30 सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं।
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सेशेल्स का बताया जा रहा जहाज
एंब्रे ने बताया कि जिस जहाज पर हमला हुआ, उस पर पनामा का झंडा लगा है, लेकिन जहाज का स्वामित्व ब्रिटिश कंपनी के पास है। हालांकि कहा जा रहा है कि इस जहाज को बीते दिनों बेच दिया गया था और अब सेशेल्स की कंपनी के पास इस जहाज का स्वामित्व है। जिस जहाज पर हमला हुआ, वह ऑयल टैंकर है और रूस के प्रिमोर्स्क से भारत के वाडिनार आ रहा था।
मामले में नौसेना का बयान
इस मामले में भारतीय नौसेना ने रविवार को बयान जारी किया। नौसेना के मुताबिक भारतीय युद्धपोत आईएनएस कोच्चि ने हमले की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की। नौसेना ने बताया कि संकटग्रस्त तेल टैंकर को भारतीय नौसेना के जहाज ने समुद्र में ही रोक कर स्थिति का आकलन किया। खतरे की आशंका को दूर करने के लिए इस कार्रवाई में भारतीय नौसेना के हेलीकॉप्टर से एरियल सर्वे भी कराया गया। संकटग्रस्त जहाज पर नौसेना ने एक विस्फोटक आयुध निपटान (ईओडी) टीम भी जहाज पर भेजा। नौसेना ने कहा कि जहाज पर चालक दल के कुल 30 लोग हैं। इसमें 22 भारतीय नागरिक हैं। सभी सुरक्षित हैं। जांच के बाद जहाज अगले बंदरगाह की तरफ रवाना हो गया। नौसेना ने कहा, इस क्षेत्र से गुजरने वाले नाविकों की सुरक्षा के लिए भारतीय नौसेना प्रतिबद्ध है।
A Mission deployed Indian Naval Destroyer INS Kochi responded to a maritime security incident involving attack on Panama-flagged crude oil tanker MV Andromeda Star PM on 26 April: Indian Navy
The MV was intercepted by the INS ship and an aerial recce by helo was undertaken to… pic.twitter.com/k2p2YYFOyS— ANI (@ANI) April 28, 2024
इस इलाके में लगातार हमले हो रहे हैं
गौरतलब है कि ईरान समर्थित हूती विद्रोही इस्राइल हमास युद्ध के बाद से ही लाल सागर और अदन की खाड़ी से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बना रहे हैं। हूती विद्रोही फलस्तीन के समर्थन में ऐसा कर रहे हैं और पहले हूती विद्रोहियों के निशाने पर इस्राइल से संबंधित जहाज ही होते थे, लेकिन बीते काफी दिनों से अन्य देशों के जहाजों को भी निशाना बनाया जा रहा है। इसके चलते कई शिपिंग कंपनियों ने अपने जहाजों को दक्षिणी अफ्रीका के लंबे रूट से भेजा जा रहा है। इससे माल की ढुलाई की लागत बढ़ गई है और वैश्विक स्तर पर महंगाई भी बढ़ी है।
अमेरिका ने हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर किया था हमला
अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाने के लिए ही अमेरिका और ब्रिटेन की सेनाओं ने बीते दिनों यमन में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर हवाई हमले भी किए थे। हालांकि इसके बावजूद हूती विद्रोहियों के हमले नहीं रुक रहे हैं। भारत ने भी अरब सागर और अदन की खाड़ी में अपनी नौसेना को तैनात किया हुआ है और युद्धक जहाजों से निगरानी भी बढ़ाई है।