फ्रांस में तेज हो सकते हैं 'येलो वेस्ट' प्रदर्शन, मैक्रों पर अराजकता रोकने का दबाव
पेरिस में पिछले सप्ताह हुए दंगों के बाद प्राधिकारियों द्वारा ‘कतई बर्दाश्त न करने’ का रुख अपनाने का संकल्प लेने के बावजूद ‘येलो वेस्ट’ फ्रांस में सरकार के विरोध में अपना प्रदर्शन तेज कर सकते हैं। पेरिस पुलिस ने शहर के पश्चिमी हिस्से के बड़े क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों को प्रतिबंधित कर दिया है। इसमें प्रसिद्ध चैंप्स एलीसीस भी है।
यहां गत सप्ताह सैंकड़ों लोगों ने अराजकता फैलाई थी। इसी तरह के प्रतिबंध टाउलोज, बॉर्डयोक्स, डिजन और नीस में लगाए गए हैं। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी फ्रांसीसी समकक्ष इमैनुएल मैक्रों के साथ नीस में सप्ताहांत में मिलने वाले हैं।
इसी कारण मैक्रों पर पिछले सप्ताह यहां फैली अराजकता की पुनरावृत्ति को किसी भी हालत में रोकने का दबाव है। सरकार ने अपने विरोधियों से निपटने के लिए कई तरह के इंतजाम किए हैं। उधर इन उपायों को लेकर फ्रांस में विरोध के सुर भी उभरे हैं। विरोधियों ने सरकार पर आग से खेलने का आरोप लगाया।
तेल पर कर के विरोध में शुरू हुए प्रदर्शन
सोशल मीडिया पर ‘येलो वेस्ट’ नामक आंदोलन तेल पर बढ़ते करों के खिलाफ विरोध के तौर पर शुरू हुआ है। प्रदर्शनकारियों द्वारा पीली जैकेट पहनने के कारण इस आंदोलन का नाम यलो वेस्ट पड़ा। इस दौरान कई लोग मैक्रों के इस्तीफे के साथ पेंशन और शिक्षा पर सरकारी खर्च में वृद्धि, करों में कमी, बुनियादी ढांचे में सुधार, अप्रवासन में कटौती और सार्वजनिक सेवाओं के निजीकरण को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं।