Updates: पापुआ न्यू गिनी में भूस्खलन, कई मौतों की आशंका; 106 वर्ष पुराने भारतीय नोटों की लंदन में होगी नीलामी
लंदन में पुराने दुर्लभ भारतीय बैंक के नोटों की अगले बुधवार (29 मई) को नीलामी होने जा रही है। दरअसल, 10 रुपये के नोटों के ये बंडल 1918 में लंदन से मुंबई (तब के बंबई) आ रहे एसएस शिराला जहाज के मलबे से बरामद हुए हैं। लंदन में नूनन्स मेफेयर नीलामी घर विश्व बैंक नोट बिक्री के हिस्से के तौर पर इन्हें नीलाम करेगा। माना जा रहा है कि भारतीय मुद्रा में इनकी कीमत दो लाख 11 हजार (2,000 ब्रिटिश पाउंड) से लेकर दो लाख 74 हजार (2,600 ब्रिटिश पाउंड) के पार जा सकती है। जर्मन नौसेना की यू-बोट ने 2 जुलाई, 1918 को जहाज एसएस शिराला को डुबो दिया था। मलबे से मिले 10 रुपये के नोटों पर 25 मई 1918 की तारीख दर्ज हैं। नूनन्स में मुद्राशास्त्र की वैश्विक प्रमुख थॉमसिना स्मिथ के मुताबिक, इन नोटों के पूरे ब्लॉक गोला-बारूद से लेकर मुरब्बे जैसे बहुत सारे परचून के सामान सहित लंदन से बॉम्बे लाए जा रहे थे। जहाज के डूबते वक्त कई नोट तैरते हुए किनारे पर आ गए थे।
पापुआ न्यू गिनी में भूस्खलन, कई मौतों की आशंका
पापुआ न्यू गिनी के सुदूर पहाड़ी हिस्से में एक भूस्खलन में शुक्रवार को पूरा गांव जमींदोज हो गया। घटना में 100 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की आशंका है। मौके पर आपातकालीन सहायता पहुंचाई जा रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, भूस्खलन की घटना कथित तौर पर दक्षिण प्रशांत द्वीपीय देश की राजधानी पोर्ट मोरेस्बी से लगभग 600 किलोमीटर दूर उत्तर-पश्चिम में एंगा प्रांत के काओकलाम गांव में घटी। हादसा स्थानीय समयानुसार तड़के 3 बजे के करीब हुआ।
फिलीपीन में 30% बढ़ेंगे भारतीय मेडिकल छात्र
फिलीपीन को उम्मीद है कि आगामी वर्षों में फिलीपीन जाकर मेडिकल की पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में 25 से 30 फीसदी की वृद्धि हो सकती है। विदेशी शिक्षा सलाहकार काद्विन पिल्लई ने बताया कि हाल में ही फिलीपीन ने अपनी वीजा नीति में बदलाव किया है। अब विदेशी छात्रों को फिलीपीन में खासतौर पर डॉक्टर ऑफ मेडिसिन (एमडी) की डिग्री हासिल करना आसान हो जाएगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर अभ्यास का मौका भी दिया जाएगा। पिल्लई के मुताबिक वीजा नीति के बदलाव खासतौर पर भारतीय छात्रों के लिए अवसरों के द्वार खोलती है। इससे फिलीपीन को मजबूती मिलेगी व भारतीय स्नातकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिकित्सा अभ्यास का अवसर भी मिलेगा।
पाकिस्तान के एक उच्च न्यायालय ने एक कश्मीरी कवि और पत्रकार के लापता होने के मामले में सैन्य और खुफिया एजेंसियों को तलब किया। अहमद फरहाद शाह 15 मई से लापता थे जब रावलपिंडी के गैरीसन शहर से उनके घर से ही कथित तौर पर उनका अपहरण हुआ था। उनकी पत्नी ने उनकी सकुशल बरामदगी के लिए इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। वरिष्ठ उप न्यायाधीश मोहसिन अख्तर कयानी ने लापता कवि की तलाशी के मामले में कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्रवाई पर असंतोष जताया। न्यायमूर्ति कयानी ने कहा, शाह को लापता हुए 10 दिन हो गए हैं, मैं नहीं जानता कि गरीब व्यक्ति किस स्थिति में होगा। अगली सुनवाई 29 मई को तय कर उन्होंने कहा कि इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) और मिलिट्री इंटेलिजेंस (एमआई) के सेक्टर कमांडरों, इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के निदेशक के साथ-साथ कानून मंत्री आजम नजीर तरार और रक्षा और आंतरिक सचिव इस मामलेे में कोर्ट को जानकारी दें।
कंबोडिया के जंगलों में दहाड़ेंगे भारतीय बाघ
अब कंबोडिया के जंगलों में फिर बाघ की दहाड़ गूंजेगी। भारत नवंबर-दिसंबर तक चार बाघ वहां भेज सकता है। सरकार ने नवंबर, 2022 में दुनिया के पहले अंतरराष्ट्रीय बाघ पुनर्वास के लिए नोम पेन्ह के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। कंबोडिया, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के अधिकारियों और कंबोडिया में भारत की राजदूत देवयानी खोबरागड़े ने कुछ दिन पहले एक ऑनलाइन बैठक में भाग लिया था। उन्होंने नवंबर-दिसंबर तक चार बाघों को कंबोडिया भेजने के प्रस्ताव पर चर्चा की। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय अभी नहीं हुआ है। एनटीसीए के सदस्य सचिव गोबिंद सागर भारद्वाज ने ने बताया, प्रस्ताव को लेकर कंबोडिया के अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत चल रही है। एनटीसीए ने उनसे एक विस्तृत कार्य योजना भेजने का अनुरोध किया है। इसकी जांच की जाएगी और तकनीकी समिति के समक्ष रखा जाएगा। विश्व वन्यजीव कोष (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) के विशेषज्ञों के मुताबिक कंबोडिया में 2016 में बाघ लुप्त घोषित किए गए। अंतिम बार वहां 2007 में एक बाघ देखा गया था।