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World Updates: चीन-कनाडा वार्ता के बीच उठा उइगरों के दमन का मुद्दा, चीनी विदेश मंत्री के विरोध में उतरा संगठन
Fri, 29 May 2026 03:46 PM IST
Devesh Tripathi
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Devesh Tripathi
Updated Fri, 29 May 2026 03:46 PM IST
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दुनिया की बड़ी खबरें
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
स्विट्जरलैंड में विंटरथुर के एक ट्रेन स्टेशन पर गुरुवार को एक व्यक्ति ने चाकू से हमला कर तीन लोगों को घायल कर दिया। अधिकारियों ने इस घटना को आतंकी कृत्य बताया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। क्षेत्रीय पुलिस प्रमुख मारियस वेयरमैन ने बताया कि आपात सेवाओं को सूचना मिलने के पांच मिनट के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी 31 वर्षीय स्विस-तुर्किए की दोहरी नागरिकता रखने वाला व्यक्ति है, जो विंटरथुर में रहता है।
वेयरमैन ने बताया कि आरोपी 2015 में इस्लामिक स्टेट समूह का प्रचार सामग्री बांटने के मामले में अधिकारियों के संज्ञान में आया था। हाल के दिनों में उसने पुलिस इमरजेंसी नंबर पर फोन कर उलझी हुई बातें की थीं, जिसके बाद उसे मानसिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था। हालांकि, डॉक्टर द्वारा उसे खतरनाक नहीं बताए जाने के बाद वह बुधवार को वहां से चला गया।
हमले में 28, 43 और 52 साल के तीन स्विस नागरिक घायल हुए। वेयरमैन के अनुसार, पहले दो घायलों को दोपहर तक अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी या दी जाने वाली थी। जबकि 52 वर्षीय व्यक्ति जांघ में चोट लगने के बाद सर्जरी के चलते अस्पताल में भर्ती है। पुलिस का मानना है कि आरोपी ने अकेले इस वारदात को अंजाम दिया।
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ज्यूरिख क्षेत्र के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मारियो फेहर ने कहा कि आरोपी का जन्म स्विट्जरलैंड में हुआ था और उसे 2009 में स्विस नागरिकता मिली थी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उसने पिछले दो वर्षों का बड़ा हिस्सा तुर्किए में बिताया था। विंटरथुर की आबादी करीब 1.23 लाख है। यह शहर उत्तर-पूर्वी स्विट्जरलैंड में, देश के सबसे बड़े शहर ज्यूरिख के पास स्थित है।
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वेयरमैन ने बताया कि आरोपी 2015 में इस्लामिक स्टेट समूह का प्रचार सामग्री बांटने के मामले में अधिकारियों के संज्ञान में आया था। हाल के दिनों में उसने पुलिस इमरजेंसी नंबर पर फोन कर उलझी हुई बातें की थीं, जिसके बाद उसे मानसिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था। हालांकि, डॉक्टर द्वारा उसे खतरनाक नहीं बताए जाने के बाद वह बुधवार को वहां से चला गया।
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हमले में 28, 43 और 52 साल के तीन स्विस नागरिक घायल हुए। वेयरमैन के अनुसार, पहले दो घायलों को दोपहर तक अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी या दी जाने वाली थी। जबकि 52 वर्षीय व्यक्ति जांघ में चोट लगने के बाद सर्जरी के चलते अस्पताल में भर्ती है। पुलिस का मानना है कि आरोपी ने अकेले इस वारदात को अंजाम दिया।
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ज्यूरिख क्षेत्र के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मारियो फेहर ने कहा कि आरोपी का जन्म स्विट्जरलैंड में हुआ था और उसे 2009 में स्विस नागरिकता मिली थी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उसने पिछले दो वर्षों का बड़ा हिस्सा तुर्किए में बिताया था। विंटरथुर की आबादी करीब 1.23 लाख है। यह शहर उत्तर-पूर्वी स्विट्जरलैंड में, देश के सबसे बड़े शहर ज्यूरिख के पास स्थित है।
US: न्यू जर्सी के हिरासत केंद्र के बाहर आईसीई अधिकारियों के साथ झड़प, छह प्रदर्शनकारी गिरफ्तार
न्यू जर्सी के एक हिरासत केंद्र के सामने प्रदर्शनकारियों और सशस्त्र संघीय आव्रजन अधिकारियों के बीच झड़प हो गई। यहां कई दिनों से कार्यकर्ता यह दावा करते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं कि बंदियों द्वारा खराब जीवन स्थितियों के विरोध में भूख हड़ताल की जा रही है।
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो और तस्वीरों में दिखाया गया है कि बुधवार रात को न्यूर्क में डेलाने हॉल के सामने प्रदर्शनकारियों के समूहों ने, जिनमें से कई ने गैस मास्क और अन्य फेस कवर पहन रखे थे, एक मानव श्रृंखला बनाकर एक-दूसरे का हाथ पकड़ लिया।
कुछ लोगों ने अमेरिकी आव्रजन सीमा शुल्क प्रवर्तन अधिकारियों का सामना करते हुए कूड़ेदान, पुराने गद्दे, छतरियां और अन्य सामग्रियों का उपयोग अस्थायी ढाल और अवरोध के रूप में किया। कुछ अन्य लोगों ने इमारत में प्रवेश करने और बाहर निकलने वाले लोगों और वाहनों को रोकने का प्रयास किया या प्रवेश द्वार पर तैनात आईसीई अधिकारियों की ओर नारंगी रंग के ट्रैफिक कोन और अन्य वस्तुएं फेंकीं।
अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने कहा कि कानून प्रवर्तन अधिकारियों पर हमला करने के आरोप में लगभग छह प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया। एजेंसी ने एक बयान में कहा कि आईसीई के अधिकारियों पर हमला करना और उनके काम में बाधा डालना एक अपराध है। एजेंसी ने आगे कहा कि कानून प्रवर्तन अधिकारियों पर हमला करने वाले किसी भी व्यक्ति पर कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
न्यू जर्सी के एक हिरासत केंद्र के सामने प्रदर्शनकारियों और सशस्त्र संघीय आव्रजन अधिकारियों के बीच झड़प हो गई। यहां कई दिनों से कार्यकर्ता यह दावा करते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं कि बंदियों द्वारा खराब जीवन स्थितियों के विरोध में भूख हड़ताल की जा रही है।
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो और तस्वीरों में दिखाया गया है कि बुधवार रात को न्यूर्क में डेलाने हॉल के सामने प्रदर्शनकारियों के समूहों ने, जिनमें से कई ने गैस मास्क और अन्य फेस कवर पहन रखे थे, एक मानव श्रृंखला बनाकर एक-दूसरे का हाथ पकड़ लिया।
कुछ लोगों ने अमेरिकी आव्रजन सीमा शुल्क प्रवर्तन अधिकारियों का सामना करते हुए कूड़ेदान, पुराने गद्दे, छतरियां और अन्य सामग्रियों का उपयोग अस्थायी ढाल और अवरोध के रूप में किया। कुछ अन्य लोगों ने इमारत में प्रवेश करने और बाहर निकलने वाले लोगों और वाहनों को रोकने का प्रयास किया या प्रवेश द्वार पर तैनात आईसीई अधिकारियों की ओर नारंगी रंग के ट्रैफिक कोन और अन्य वस्तुएं फेंकीं।
अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने कहा कि कानून प्रवर्तन अधिकारियों पर हमला करने के आरोप में लगभग छह प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया। एजेंसी ने एक बयान में कहा कि आईसीई के अधिकारियों पर हमला करना और उनके काम में बाधा डालना एक अपराध है। एजेंसी ने आगे कहा कि कानून प्रवर्तन अधिकारियों पर हमला करने वाले किसी भी व्यक्ति पर कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
चीन-कनाडा वार्ता के बीच उठा उइगरों के दमन का मुद्दा, चीनी विदेश मंत्री के विरोध में उतरा संगठन
चीन के विदेश मंत्री वांग यी के कनाडा पहुंचने पर, एक प्रमुख उइगर अंतरराष्ट्रीय अधिकार संगठन ने कनाडा सरकार से अपील की है कि वह चीन के मानवाधिकार उल्लंघनों पर खुलकर बात करे और बिना जवाबदेही तय किए चीन के साथ रिश्तों को सामान्य बनाने की कोशिश न करें। वांग यी की यह तीन दिन की यात्रा 28 से 30 मई तक ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देश व्यापार और रणनीतिक समझौतों के जरिए आपसी सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
करीब दस साल में यह पहली बार है जब कोई चीनी विदेश मंत्री कनाडा दौरे पर आया है। कनाडा स्थित उइगर राइट्स एडवोकेसी प्रोजेक्ट (यूआरएपी) ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और विदेश मंत्री अनीता आनंद से अपील की कि वे चीनी विदेश मंत्री के साथ बैठक में पूर्वी तुर्किस्तान, जिसे चीन का शिनजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र भी कहा जाता है, में उइगर लोगों की बड़े पैमाने पर हिरासत और निगरानी का मुद्दा उठाएं। संगठन ने यह भी कहा कि कनाडाई नेता जबरन मजदूरी, सप्लाई चेन में हो रहे शोषण और कनाडा में उइगर कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार समर्थकों को निशाना बनाने वाली चीन की बढ़ती दबाव की राजनीति पर भी बात करें।
यूआरएपी का कहना है कि अगर कनाडा चीन के साथ नए समझौते और रणनीतिक साझेदारी आगे बढ़ाता है, जबकि उइगरों के खिलाफ कथित 'नरसंहार' और 'सीमा पार दमन' जारी है, तो इससे कनाडा की अपनी मानवाधिकार प्रतिबद्धताएं कमजोर पड़ सकती हैं।
संगठन ने कनाडा और चीन के बीच कानून लागू करने वाले विभागों के कुछ 'गोपनीय' सहयोग समझौतों और रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) के उन समझौतों पर भी चिंता जताई, जिनमें जानकारी साझा करने, जांच में मदद और चीनी सुरक्षा एजेंसियों के साथ तालमेल शामिल है।
करीब दस साल में यह पहली बार है जब कोई चीनी विदेश मंत्री कनाडा दौरे पर आया है। कनाडा स्थित उइगर राइट्स एडवोकेसी प्रोजेक्ट (यूआरएपी) ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और विदेश मंत्री अनीता आनंद से अपील की कि वे चीनी विदेश मंत्री के साथ बैठक में पूर्वी तुर्किस्तान, जिसे चीन का शिनजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र भी कहा जाता है, में उइगर लोगों की बड़े पैमाने पर हिरासत और निगरानी का मुद्दा उठाएं। संगठन ने यह भी कहा कि कनाडाई नेता जबरन मजदूरी, सप्लाई चेन में हो रहे शोषण और कनाडा में उइगर कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार समर्थकों को निशाना बनाने वाली चीन की बढ़ती दबाव की राजनीति पर भी बात करें।
यूआरएपी का कहना है कि अगर कनाडा चीन के साथ नए समझौते और रणनीतिक साझेदारी आगे बढ़ाता है, जबकि उइगरों के खिलाफ कथित 'नरसंहार' और 'सीमा पार दमन' जारी है, तो इससे कनाडा की अपनी मानवाधिकार प्रतिबद्धताएं कमजोर पड़ सकती हैं।
संगठन ने कनाडा और चीन के बीच कानून लागू करने वाले विभागों के कुछ 'गोपनीय' सहयोग समझौतों और रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) के उन समझौतों पर भी चिंता जताई, जिनमें जानकारी साझा करने, जांच में मदद और चीनी सुरक्षा एजेंसियों के साथ तालमेल शामिल है।
ट्रंप प्रशासन के 1.8 अरब डॉलर फंड पर अदालत की रोक
अमेरिका में एक संघीय जज ने ट्रंप प्रशासन के 1.8 अरब डॉलर के “एंटी-वेपनाइजेशन” सेटलमेंट फंड से किसी भी भुगतान पर अस्थायी रोक लगा दी है। अदालत ने मामले की आगे सुनवाई तक फंड जारी करने पर रोक लगाने का आदेश दिया। यह फैसला ऐसे समय आया है जब इस फंड को लेकर कानूनी और राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ रहा है।
केन्या स्कूल आग मामले में 8 लड़कियां हिरासत में
केन्या में एक स्कूल में लगी भीषण आग के एक दिन बाद पुलिस ने 8 लड़कियों को आगजनी के शक में हिरासत में लिया है। इस हादसे में कई छात्रों की मौत हुई थी और कई घायल हुए थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आग लगने की वजह और घटना के पीछे की साजिश का पता लगाने की कोशिश जारी है।
अमेरिका में एक संघीय जज ने ट्रंप प्रशासन के 1.8 अरब डॉलर के “एंटी-वेपनाइजेशन” सेटलमेंट फंड से किसी भी भुगतान पर अस्थायी रोक लगा दी है। अदालत ने मामले की आगे सुनवाई तक फंड जारी करने पर रोक लगाने का आदेश दिया। यह फैसला ऐसे समय आया है जब इस फंड को लेकर कानूनी और राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ रहा है।
केन्या स्कूल आग मामले में 8 लड़कियां हिरासत में
केन्या में एक स्कूल में लगी भीषण आग के एक दिन बाद पुलिस ने 8 लड़कियों को आगजनी के शक में हिरासत में लिया है। इस हादसे में कई छात्रों की मौत हुई थी और कई घायल हुए थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आग लगने की वजह और घटना के पीछे की साजिश का पता लगाने की कोशिश जारी है।