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World: भारतीय अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल के पिता का निधन; गूगल पर इंडोनेशिया में 103 करोड़ रुपये का जुर्माना

Wed, 22 Jan 2025 11:09 PM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: ज्योति भास्कर Updated Wed, 22 Jan 2025 11:09 PM IST
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दुनिया की बड़ी खबरें - फोटो : amar ujala graphics
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि वह बाइडन प्रशासन की ओर से नियुक्त 1,000 से अधिक कर्मियों को हटाएंगे। साथ ही उन्होंने सेलिब्रिटी शेफ जोस एंड्रेस और पूर्व टॉप जनरल मार्क मिली सहित चार व्यक्तियों को तुरंत हटा दिया है। हालांकि, शेफ एंड्रेस ने सोशल मीडिया पर कहा कि उनका कार्यकाल दो साल का था जो पहले ही समाप्त हो चुका है। उन्होंने पिछले सप्ताह अपना इस्तीफा सौंप दिया था। ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, मेरा राष्ट्रपति कार्मिक कार्यालय पिछले प्रशासन से एक हजार से अधिक राष्ट्रपति नियुक्तियों की पहचान करने और उन्हें हटाने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से लगा हुआ है। यह अमेरिका को फिर से महान बनाने के हमारे दृष्टिकोण के अनुरूप नहीं हैं। ट्रंप ने लिखा, मिली, एंड्रेस, पूर्व ईरान दूत ब्रायन हुक और कीशा लांस बॉटम्स आपको बाइडन प्रशासन ने नियुक्त किया था। आपको निकाल दिया गया है। इसे बर्खास्तगी की सूचना के रूप में लें। ट्रंप ने कहा, उनका प्रशासन अपने एजेंडे के अनुरूप काम न करने वाले 50 हजार सिविल सेवकों को हटाने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा, हम अमेरिका को आगे बढ़ाने के लिए काम करने वाले लोगों को शामिल करना चाहते हैं।
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अनुचित कारोबारी व्यवहार के लिए गूगल पर इंडोनेशिया ने लगाया 103 करोड़ जुर्माना
इंडोनेशिया की एंटीट्रस्ट एजेंसी ने मंगलवार को गूगल पर अनुचित कारोबारी व्यवहार के लिए करीब 1.2 करोड़ डॉलर (103 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया है। एजेंसी ने 2022 में गूगल के खिलाफ एक जांच शुरू की थी। आरोप है कि गूगल ने अपने प्ले स्टोर से इंडोनेशियाई एप डेवलपर्स के एप को गलत तरीके से हटा दिया था। पैनल ने सुनवाई में कहा कि गूगल ने एप डेवलपर्स की कमाई को कम कर दिया, क्योंकि इससे उपयोगकर्ताओं की संख्या में कमी आई, साथ ही कहा कि गूगल ने एकाधिकार बनाए रखने के इंडोनेशियाई कानून का उल्लंघन किया। एजेंसी ने पाया कि गूगल ने गूगल पे बिलिंग के जरिये 30% तक का शुल्क लिया था। गूगल पर यूरोपीय संघ भी पिछले 10 सालों में एंड्रायड मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम और विज्ञापन सेवा से संबंधित अनियमितताओं के लिए 8.31 अरब डॉलर का जुर्माना लगा चुका है।
 
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सिंधु जल संधि विवाद: भारत ने तटस्थ विशेषज्ञ के निर्णय का स्वागत किया
भारत ने सिंधु जल संधि पर तटस्थ विशेषज्ञ के फैसले का स्वागत किया है। विशेषज्ञ ने किशनगंगा और रातले जलविद्युत परियोजनाओं के संबंध में भारत के रुख को सही ठहराया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि तटस्थ विशेषज्ञ ने सिंधु जल संधि के तहत परियोजनाओं से संबंधित कुछ मुद्दों पर 20 जनवरी को बयान दिया। भारत सिंधु जल संधि, 1960 के अनुलग्नक एफ के पैराग्राफ 7 के तहत तटस्थ विशेषज्ञ द्वारा दिए गए निर्णय का स्वागत करता है। विशेषज्ञ का फैसला भारत के इस रुख को बरकरार रखता है कि सभी सात (07) प्रश्न संधि के तहत उसके अधिकार क्षेत्र में ही आते हैं। भारत ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान की तरफ से अवैध रूप से गठित मध्यस्थता न्यायालय की कार्यवाही को भारत मान्यता नहीं देता। न ही उसकी प्रक्रिया में भाग लेता है। हालांकि, संधि के अनुच्छेद XII (3) के तहत दोनों देशों की सरकारें सिंधु जल संधि के संशोधन और समीक्षा के संबंध में संपर्क में बने हुए हैं।

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भारतीय लोगों से मिल रहे समर्थन से हमें खुशी: इस्राइली राजदूत अजार
इस्राइली राजदूत रूवेन अजार ने भारत के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि 'भारतीय लोगों से हमें भारी समर्थन मिल रहा है, जिससे हमारा दिल खुश हो रहा है।' उन्होंने कहा कि हम बहुत आभारी हैं कि भारत ने इस्राइल के आत्मरक्षा के अधिकार को मान्यता दी है। अजार इस्राइल और भारत के बीच निरंतर सहयोग के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि हम इस क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने के लिए भारत के साथ काम करना जारी रखेंगे। अजार ने भारत की भूमिका की सराहना की और कहा कि भारत इस क्षेत्र में और अधिक निवेश ला सकता है। उन्होंने हमास के साथ संघर्ष विराम समझौते के महत्व पर भी बात की और इसे महत्वपूर्ण मोड़ बताया। उन्होंने कहा कि 'इसमें हमारे बंधकों को वापस लाने और यह सुनिश्चित करने की क्षमता है कि हमास 7 अक्टूबर (2023) को किए गए भयानक नरसंहार को न दोहराए।' उन्होंने कहा कि अगले 42 दिनों में 33 बंधकों को वापस पाने का प्रयास चल रहा है और वे युद्धविराम को जारी रखने के लिए तैयार हैं, बशर्ते कि बंधक मिलें और हमास का खतरा समाप्त हो।

मेम्फिस में डिप्टी ने चोरी की कार में बैठे व्यक्ति को गोली मारी
मेम्फिस में मंगलवार को एक डिप्टी ने चोरी की कार चलाने के संदेह में एक व्यक्ति को गोली मार दी। टेनेसी ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (टीबीआई) की प्रवक्ता किम व्हीलर ने बताया कि शेल्बी काउंटी शेरिफ कार्यालय के डिप्टी ने चोरी की कार में सवार एक व्यक्ति को देखा और उसे पूर्वी मेम्फिस में व्यापारिक प्रतिष्ठानों के पास हिरासत में लेने की कोशिश की, लेकिन स्थिति बिगड़ गई और डिप्टी ने उसे गोली मार दी, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हालांकि, कोई डिप्टी घायल नहीं हुआ। व्हीलर ने कहा कि अभी यह पता नहीं चला है कि स्थिति कैसे बिगड़ी या मारे गए व्यक्ति और डिप्टी के बारे में कोई अन्य जानकारी जैसे नाम, उम्र, लिंग और नस्ल क्या है। व्हीलर ने कहा कि जांच एजेंट साक्ष्य इकट्ठा कर रहे हैं और यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि गोलीबारी के पीछे क्या घटनाएं थीं। बता दें कि टीबीआई राज्य की पुलिस एजेंसी है। यह कानून प्रवर्तन एजेंसियों से जुड़ी गोलीबारी की घटनाओं की जांच करती है और अपनी रिपोर्ट स्थानीय जिला अटॉर्नी को देती है, जो यह तय करता है कि क्या आरोप लगाए जाएं या नहीं।

तेल अवीव में चाकू से हमले में चार लोग घायल, संदिग्ध मारा गया
इस्राइली पुलिस ने बताया कि मंगलवार शाम को मध्य तेल अवीव में चाकू से हुए हमले में चार लोग घायल हो गए और संदिग्ध हमलावर मारा गया। यह घटना गाजा में हमास के साथ चल रहे संघर्ष विराम के तीसरे दिन हुई। पुलिस ने हमलावर की पहचान नहीं की, लेकिन इसे आतंकवादी कृत्य माना जा रहा है। इससे पहले मंगलवार को, इस्राइल ने कब्जे वाले पश्चिमी तट पर एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया, जिसमें कम से कम नौ फलस्तीनी मारे गए और 40 अन्य घायल हुए। इस बारे में फलस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने जानकारी दी। बता दें कि गाजा में लागू संघर्ष विराम पश्चिमी तट पर लागू नहीं होता, जहां इस्राइली सैनिक अक्सर छापे मारते हैं, जिससे गोलीबारी होती रहती है।

भारतीय अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल के पिता का निधन

भारतीय अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल ने मंगलवार को कहा कि उनके पिता एमपी जयपाल का निधन हो गया है और वह अपनी मां और बहन से मिलने के लिए भारत आ रही हैं। जयपाल ने एक बयान में कहा, 'मेरे प्यारे पिता एमपी जयपाल का कल रात शांतिपूर्ण तरीके से निधन हो गया। मैं अपनी मां और बहन से मिलने के लिए भारत आ रही हूं, क्योंकि हम उस व्यक्ति के लिए शोक और जश्न मना रहे हैं, जिसने हमें इतने अवसर दिए हैं।' 59 वर्षीय प्रमिला जयपाल अमेरिका के निचले सदन के लिए चुनी जाने वाली पहली भारतीय अमेरिकी महिला हैं। वह जनवरी 2015 से वाशिंगटन राज्य के सातवें कांग्रेसनल जिले का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। 

जर्मनी में चाकू से हुए हमले में दो की मौत
दक्षिणी जर्मनी के शहर अस्चाफेनबर्ग के एक पार्क में चाकू से किए गए हमले में एक बच्चे सहित दो लोगों की मौत हो गई तथा दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है। पुलिस ने कहा कि हमले के मकसद की जांच की जा रही है। यह आतंकी घटना नहीं थी। पुलिस ने बताया कि संदिग्ध ने पटरियों के सहारे भागने की कोशिश की, जिसके कारण शहर में ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से बाधित हुईं। हालांकि, पुलिस ने एक्स पर लिखा कि संदिग्ध तुरंत हिरासत में ले लिया गया।
 

अमेरिका में पुनर्वास की मंजूरी पाने वाले शरणार्थियों की यात्रा योजना रद़्द
जिन शरणार्थियों को अमेरिका के शरणार्थी पुनर्वास कार्यक्रम के तहत  27 जनवरी से पहले संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा करने की मंजूरी दी गई थी, उनकी यात्रा की योजना ट्रंप प्रशासन ने रद्द कर दिया है। इसके चलते हजारों शरणार्थी अब विश्व भर में विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से हस्ताक्षरित एक कार्यकारी आदेश में निलंबन की बात कही गई। अब जो लोग शरणार्थी के रूप में स्वीकृत होने और अमेरिका आने की अनुमति के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरे हैं और जिन्होंने समय सीमा से पहले उड़ानें बुक की थीं, वे अभी भी समय से पहले प्रवेश करने में सक्षम हो सकते हैं। वहीं एक एजेंसी ने कहा कि शरणार्थियों का अमेरिका में आगमन अगली सूचना तक निलंबित कर दिया गया है।

एनएसए ने व्हाइट हाउस में तैनात 160 कर्मचारियों को किया दरकिनार
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में अस्थायी ड्यूटी पर तैनात लगभग 160 सरकारी कर्मचारियों को दरकिनार कर दिया है। उन्हें घर से काम करने के लिए कहा गया है। ट्रंप प्रशासन इन दिनों व्हाइट हाउस की उस शाखा के स्टाफ की समीक्षा कर रहा है जो राष्ट्रपति को राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति संबंधी सलाह देती है। अधिकारियों ने बताया कि डिटेली के तौर पर पहचाने जाने वाले करियर कर्मचारियों को बुधवार को एक कर्मचारी बैठक में बुलाया गया। जिसमें उन्हें बताया जाना था कि उनसे एनएससी के वरिष्ठ निदेशकों के लिए उपलब्ध रहने की अपेक्षा की जाएगी, लेकिन उन्हें व्हाइट हाउस को रिपोर्ट करने की आवश्यकता नहीं होगी।
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