फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Women physical assault In Front Of Families, Children Killed: A Militia On Rampage In Africa News update

Africa: M23 विद्रोहियों का कहर, परिवार के सामने महिलाओं को बना रहे शिकार; बच्चों को भी नहीं बख्श रहे

Mon, 23 Dec 2024 03:09 PM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, रुबाया
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, रुबाया Published by: काव्या मिश्रा Updated Mon, 23 Dec 2024 03:09 PM IST
सार

एम23 विद्रोही को 23 मार्च मूवमेंट के रूप में भी जाना जाता है। यह कांगो के पूर्वी क्षेत्रों में एक सक्रिय विद्रोही समूह है। समूह कई मानवाधिकारों के हनन, युद्ध अपराधों और अत्याचारों के लिए जिम्मेदार रहा है। 

विज्ञापन
Women physical assault In Front Of Families, Children Killed: A Militia On Rampage In Africa News update
हथकड़ी, arrest - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अफ्रीका के कांगो में एम23 विद्रोहियों का कहर जारी है। सामूहिक हत्याएं, दुष्कर्म और जबरन विस्थापन जैसी बड़ी घटनाओं को लगातार अंजाम दे रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अप्रैल में विद्रोहियों ने रुबाया के एक बाजार में छह बच्चों की लकड़ी के मूसल और कोल्हू से उनके सिर कुचल कर हत्या कर दी थी। 

विज्ञापन


32 साल की महिला का दुष्कर्म
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 32 साल की एक महिला ने भागने से पहले खुद बच्चों की क्रूरतापूर्वक हत्या होते हुए देखी।उन्होंने बताया कि उन्हें और उनके साथियों को भी पकड़ लिया था। बाद में उनका और उनकी एक दोस्त का दुष्कर्म किया। जबकि एक की हत्या कर दी। 
विज्ञापन


23 मार्च मूवमेंट के रूप में प्रसिद्ध M23
एम23 विद्रोही को 23 मार्च मूवमेंट के रूप में भी जाना जाता है। यह कांगो के पूर्वी क्षेत्रों में एक सक्रिय विद्रोही समूह है। समूह कई मानवाधिकारों के हनन, युद्ध अपराधों और अत्याचारों के लिए जिम्मेदार रहा है। विद्रोही महिलाओं को जबरदस्ती वैश्यावृत्ति के काम में धकेलते हैं। इतना ही नहीं, लोगों पर दिन में हमला करना आम हो गया है। वहीं, गवाहों की हत्या कर देते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


बेटी के सामने महिला के साथ बर्बरता
एक 25 साल की महिला ने बताया कि उसकी बेटी के सामने उसके साथ बंदूक की नोंक पर दुष्कर्म किया गया। बाद में उनके पति की भी हत्या कर दी गई थी। जबकि 27 साल की एक अन्य पीड़िता के साथ फसल की रखवाली के दौरान आठ लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था।

महिलाओं पर बेरहमी से हमला किया जाता है। वहीं, बचे हुए लोगों के साथ उनके बच्चों के सामने बंदूक की नोक पर दुष्कर्म किया जाता। मानवीय संगठनों ने चेतावनी दी है कि इस क्षेत्र में यौन हिंसा अभूतपूर्व स्तर तक पहुंच गई है। 

क्या है एम23 ?
एम23 सबसे पहले 10 साल पहले सामने आया था, जब उसके लड़ाकों ने कांगो के पूर्व में सबसे बड़े शहर गोमा पर कब्जा कर लिया था। समूह का नाम 23 मार्च, 2009 को हुए एक शांति समझौते की वजह से एम23 रखा गया। समझौते में विद्रोहियों को कांगो की सेना में शामिल करने की वकालत की गई थी। एम23 का आरोप है कि सरकार समझौते का पालन नहीं कर रही। उस पर लंबे समय से रवांडा के समर्थन के साथ काम करने का आरोप है। इसे रवांडा के हजारों सैनिकों का समर्थन हासिल है। संयुक्त राष्ट्र की खुफिया जानकारी के अनुसार, कांगोली सीमा के भीतर रवांडा रक्षा बल (RDF) के सैनिकों की उपस्थिति है और अनुमान है कि इसमें 4,000 तक सैनिक शामिल हो सकते हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 2021 के आखिर में फिर से सक्रिय हुए एम23 ने नागरिकों की हत्या करना शुरू कर दिया और क्षेत्रों पर कब्जा करने लगा। एम23 लड़ाकों ने महिलाओं का उत्पीड़न और उनके साथ दुष्कर्म शुरू कर दिया।

हालांकि, रवांडा ने एम23 को समर्थन देने के आरोपों का खंडन करते हुए अपनी सैन्य उपस्थिति को सीमा पार से उत्पन्न खतरों के खिलाफ सुरक्षा के रूप में सही ठहराया। हालांकि, इस साल की शुरुआत में सुरक्षा परिषद को दिए गए एक संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट में कहा गया था कि रवांडा M23 के युद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार था, जिसमें क्षेत्रीय जीत और अत्याचार शामिल थे।

साढ़े छह लाख से ज्यादा लोग ले चुके शरण
गोमा में, जो क्षेत्रीय राजधानी है और जो गंदे विस्थापन शिविरों से घिरी हुई है, 650,000 से अधिक लोग हिंसा से बचने के लिए शरण ले चुके हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, यौन हिंसा के रिकॉर्ड स्तर सामने आए हैं, जिसमें 2023 में अकेले 25,166 पीड़ितों का इलाज किया गया—यह संख्या 2024 के मध्य तक पहले ही पार कर चुकी है।


संघर्ष का प्रभाव केवल तात्कालिक अत्याचारों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि M23 नियंत्रित क्षेत्रों में कराधान प्रणालियां लागू कर रहा है और पारंपरिक प्राधिकरण संरचनाओं को बदल रहा है। पर्यवेक्षकों का कहना है कि यह कांगो के कुछ हिस्सों को कब्जे में लेने के लिए एक दीर्घकालिक रणनीति का संकेत हो सकता है, जो रूस के क्रीमिया में अपनाए गए तरीकों से मेल खाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed