Myanmar: मादक पदार्थों की होली से क्या अपनी नाकामी छिपा पाएंगे म्यांमार के सैनिक शासक?
म्यांमार में मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी सेंट्रल कमेटी फॉर ड्रग एब्यूज कंट्रोल (सीसीडीएसी) की है। यह एजेंसी गृह मंत्रालय के तहत आती है। इसी एजेंसी ने बरामद हुए मादक पदार्थों के बारे में सूचना जारी की है। इसमें अफीम, हेरोइन, स्टीमुलेंट टैबलेट्स, क्रिस्टल मेथम्फैटेमाइन, गांजा, क्रेटॉम आदि पदार्थ शामिल हैं...
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म्यांमार के शान प्रांत में सोमवार को एक अजीब उत्सव मनाया गया। वहां बड़े पैमाने पर अफीम और अन्य मादक पदार्थों की होली जलाई गई। यह आयोजन विश्व मादक पदार्थ विरोधी दिवस के मौके पर किया गया। शान प्रांत को म्यांमार में मादक पदार्थों की पैदावार के लिए जाना जाता है। पिछले कुछ समय से वहां नशीली दवाओं के उत्पादकों और तस्करों के खिलाफ कार्रवाई का अभियान छेड़ा गया है।
म्यांमार के सैनिक शासकों का दावा है कि उनके इस अभियान को बड़ी सफलता मिली है। सेना स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन काउंसिल (एसएसी) नाम से देश का शासन चला रही है। उसने दावा किया है कि एसएसी ने मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अपनी अंतरराष्ट्रीय वचनबद्धता को पूरा किया है और आगे भी इसमें सहयोग करती रहेगी।
लेकिन कई पर्यवेक्षकों की राय है कि एसएसी ने इस बारे में अपनी सफलता को बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया है। उसी कोशिश में सोमवार को शान प्रांत में पकड़ी गई अफीम की होली जलाई गई। धधकती लपटों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए गए। जबकि पर्यवेक्षकों का आरोप है कि बरामद हुए मादक पदार्थों के बारे में एसएसी ने फर्जी आंकड़े पेश किए हैं।
म्यांमार में मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी सेंट्रल कमेटी फॉर ड्रग एब्यूज कंट्रोल (सीसीडीएसी) की है। यह एजेंसी गृह मंत्रालय के तहत आती है। इसी एजेंसी ने बरामद हुए मादक पदार्थों के बारे में सूचना जारी की है। इसमें अफीम, हेरोइन, स्टीमुलेंट टैबलेट्स, क्रिस्टल मेथम्फैटेमाइन, गांजा, क्रेटॉम आदि पदार्थ शामिल हैँ। एजेंसी का दावा है कि 2021 में उसने 46 करोड़ 20 लाख अमेरिकी डॉलर कीमत के मादक पदार्थ पकड़े। 2022 में यह बरामदगी 53 करोड़ 30 लाख डॉलर की रही। इस वर्ष मई तक लगभग 18 करोड़ डॉलर के मादक पदार्थ जब्त कर लिए गए थे।
लेकिन संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट पर गौर करें, तो म्यांमार सरकार के दावों पर गंभीर सवाल उठते हैं। इस रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया कि म्यांमार में 2022 में अफीम की खेती में 33 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया कि बीते वर्ष देश में 790 मिट्रिक टन अफीम की पैदावार हुई।
इस रिपोर्ट को जारी करते हुए संयुक्त राष्ट्र की मादक पदार्थ विरोधी एजेंसी के क्षेत्रीय प्रमुख जेरमी डगलस ने बीते जनवरी मे कहा था- ‘अफीम के कारोबार का स्वर्णिम त्रिकोण वापस आ गया है।’ म्यांमार, लाओस और थाईलैंड की सीमा जिस क्षेत्र में मिलती है, वह अफीम की खेती के लिए बदनाम है और उसे ही इसका गोल्डन ट्रायंगल (स्वर्णिम त्रिकोण) कहा जाता है।
विश्लेषकों के मुताबिक म्यांमार में मादक पदार्थों का कारोबार फूल-फलने का कारण एक जटिल नेटवर्क है। इस नेटवर्क में खुद म्यांमार की सेना शामिल है। उसके अलावा स्थानीय हथियारबंद दस्ते, अंतरराष्ट्रीय अपराधी, भ्रष्ट अधिकारी और आपराधिक कार्यों को शह देने वाले कारोबारी भी इस नेटवर्क का हिस्सा हैं। आम जानकारी यह है कि फरवरी 2021 में हुए सैनिक तख्ता पलट के बाद इस नेटवर्क की गतिविधियां बढ़ी हैं। ऐसे में आम धारणा यही है कि मादक पदार्थों को होली जला कर एसएसी ने हकीकत पर परदा डालने की कोशिश की है।