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84 की उम्र तक जनमत संग्रह की मदद से सत्ता में काबिज रहेंगे पुतिन?
Wed, 03 Jun 2020 03:24 PM IST
Tanuja Yadav
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
Published by: Tanuja Yadav
Updated Wed, 03 Jun 2020 03:24 PM IST
सार
- एक जुलाई को संविधान में संशोधन के लिए मतदान कराएंगे पुतिन
- रूस के राष्ट्रपति का कार्यकाल बढ़ाने के लिए संविधान में संशोधन
- 2008 में राष्ट्रपति का कार्यकाल चार से बढ़ाकर छह साल किया था
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व्लादिमीर पुतिन (फाइल फोटो)
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विस्तार
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने राष्ट्रपति पद के कार्यकाल बढ़ाने के लिए एक जुलाई को रूस के संविधान में संशोधन के लिए मतदान कराएंगे। अगर यह संशोधन पारित हो जाएगा रूस के राष्ट्रपति के गद्दी पर पुतिन 2036 तक राज कर सकेंगे। हालांकि यह प्रक्रिया इतनी आसान नहीं होगी और इसको पारित करने में कई कठिनाइयां आ सकती हैं...
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संशोधन के लिए स्वीकृति
रूस में पिछले चुनाव में भले ही पुतिन पर धांधली के आरोप लगे हो लेकिन इसके बाद भी पुतिन बहुमत मतों के साथ जीते थे। कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में व्लादिमीर पुतिन की छवि पर गंभीर खरोचें लगी हैं।
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दुनिया के प्रभावित देशों की सूची में रूस तीसरे स्थान पर हैं, जहां कोरोना वायरस के कुल मामले चार लाख से भी ज्यादा हैं। यही नहीं अप्रैल में स्वीकृति श्रेणी 59 फीसद थी जो गिरकर 63 फीसद हो गई है। साल 2000 पुतिन के राष्ट्रपति बनने के बाद से ये अबतक की सबसे बड़ी गिरावट है।
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संशोधन के पीछ राजनीति?
व्लादिमीर पुतिन की जीत हमेशा से काफी प्रभावशाली रही है। साल 2000 में पुतिन राष्ट्रपति पद के लिए 53 फीसद मतदान से जीते थे, 2004 में 71 फीसद, 2012 में 63 फीसद और 2018 में 76.7 फीसद मतों से जीते थे।
हालांकि जनमत संग्रह में भी पुतिन को बहुमत मिले, इस बात की निश्चितता नहीं है। ऐसा पहली बार नहीं है कि अपने राष्ट्रपति के पद को बरकरार रखने के लिए संविधान में संशोधन किया जा रहा है। साल 2008 में दूसरे कार्यकाल खत्म करने के बाद, पुतिन के उत्तराधिकारी और दिमित्री मेदवेदेव ने राष्ट्रपति शासन का कार्यकाल चार से बढ़ाकर छह साल कर दिया था।
यह कदम व्यापर रूप से दो टूक पुतिन को ज्यादा सक्षम करने के लिए डिजाइन किया गया था। राष्ट्रपति पुतिन का कार्यकाल 2008 में खत्म होना था लेकिन इसके बाद 2012 में 12 साल के लिए बिना किसी रुकावट के राष्ट्रपति बने रहने का आनंद लेना था।
संशोधन को लेकर अनिश्चिताएं
2036 तक सत्ता में बरकरार रहने का पुतिन का दांव कई मायनों में देखा जा रहा है। इस साल पुतिन 68 साल के हो जाएंगे जो कि किसी रूसी व्यक्ति का औसतन जीवन काल है। हालांकि किसी भी रूसी व्यक्ति की जीवन अवधि 73 साल होती है और रूसी महिला की 78 साल।
साल 1952 में पैदा होने की वजह से पुतिन 2036 में 84 साल के हो जाएंगे। रूस में लेनिन से लेकर येल्तसिन तक कोई भी नेता अपना 80वां जन्मदिन नहीं देख पाया है। पुतिन के कार्यकाल के दौरान रूसी लोगों की जीवन अवधि औसतन दस साल तक बढ़ी है।