Shahid Mahmood: कौन है शाहिद महमूद? चीन ने जिसे वैश्विक आतंकी करार दिए जाने से बचा लिया
शाहिद महमूद लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी है। उसने लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा के प्रमुख और संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित वैश्विक आतंकवादी हाफिज सईद के साथ मिलकर भारत में आतंकियों के ठिकाने बनाने व उनके हमदर्द पैदा करने की साजिश रची।
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चीन ने एक बार फिर पाकिस्तान के प्रति दोस्ती निभाते हुए लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी शाहिद महमूद को वैश्विक आतंकी करार देने से बचा लिया। चीन ने भारत व अमेरिका द्वारा यूएन सुरक्षा परिषद में लाए गए इस आशय के प्रस्ताव के खिलाफ वीटो का उपयोग कर लिया। आइये जानते हैं कि आखिर शाहिद महमूद है कौन? वैश्विक आतंकवाद में उसकी क्या भूमिका है?
शाहिद महमूद लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी है। उसने लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा के प्रमुख और संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित वैश्विक आतंकवादी हाफिज सईद के साथ मिलकर भारत में आतंकियों के ठिकाने बनाने व उनके हमदर्द पैदा करने की साजिश रची। धार्मिक कार्यों व दान के नाम पर भारत में पैसा भेजा। इस पैसे का इस्तेमाल बाद में भारत विरोधी और आतंकवादी गतिविधियों में किया गया।
फलाह-ए-इंसानियत टेरर फंडिंग केस का आरोपी
शाहिद महमूद के खिलाफ एनआईए ने दिल्ली में केस दर्ज किया है। यह केस फलाह-ए-इंसानियत (FIF) टेरर फंडिंग का है। FIF को 14 मार्च 2012 को संयुक्त राष्ट्र ने लश्कर-ए-तैयबा की ओर से काम करने वाली आतंकवादी संस्था करार दिया था। अक्तूबर 2020 में भारत ने शाहिद महमूद को यूएपीए 1967 के तहत वांछित आतंकियों की सूची में शामिल किया था। शाहिद महमूद लश्कर-ए-तैयबा से 2007 से जुड़ा हुआ है। जून 2015 से जून 2016 तक वह एफआईएफ का उपाध्यक्ष रहा था। इससे पहले अगस्त 2013 में वह लश्कर का प्रचारक रहा था।
चीन ने चौथी बार वैश्विक आतंकी करार देने में डाला अडंगा
पाकिस्तानी आतंकियों व संगठनों को वैश्विक आतंकी करार देने में चीन ने चौथी बार अडंगा डाला है। शाहिद महमूद का मामला चौथा है। दरअसल, चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अलकायदा प्रतिबंध समिति के तहत महमूद को वैश्विक आतंकवादी के रूप में नामित करने के भारत और अमेरिका के प्रस्ताव पर वीटो कर दिया। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने दिसंबर 2016 में महमूद को वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था। इसके पहले चीन पाक आतंकी अब्दुल रहमान मक्की, जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर अब्दुल रउफ, जैश के सरगना मौलाना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित किए जाने में अडंगा डाल चुका है।