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Russia: पुतिन की सेहत की जानकारी न जुटा सकें विदेशी ताकतें, इसलिए अलास्का समिट के दौरान किया गया था खास इंतजाम
Mon, 18 Aug 2025 09:16 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 18 Aug 2025 09:16 AM IST
सार
Russia: अलास्का दौरे के दौरान विदेशी ताकतें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सेहत की जानकारी न जुटा सकें, इसके लिए खास इंतजाम किए गए थे। उनके सुरक्षा गार्ड उनका मल एकत्र करने के लिए अपने साथ एक खास सूटकेस लेकर गए थे। पुतिन यह तरीका 199 से विदेश दौरों के दौरान अपनाते हैं। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
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व्लादिमीर पुतिन।
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
अलास्का शिखर सम्मेलन के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का मानव अपशिष्ट (मल) एकत्र करने के लिए उनके सुरक्षा गार्ड शुक्रवार को अपने साथ एक खास तरह का सूटकेस लेकर आए थे। यह सम्मेलन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुआ था। इस अनोखे सुरक्षा इंतजाम का मकसद यह था कि विदेशी ताकतें पुतिन की सेहत के बारे में कोई जानकारी न जुटा सकें। एक्सप्रेस यूएस की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
रिपोर्ट में बताया गया, पुतिन के सुरक्षा गार्ड उनके मल को एकत्र करते हैं, जब भी वह विदेश यात्रा करते हैं और फिर रूस वापस लेकर आते हैं। बैठक के दौरान पुतिन की सुरक्षा के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। उनके चारों ओर सुरक्षा गार्ड मौजूद थे। पुतिन व रूसी खुफिया जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए कई कदम उठाए गए।
ये भी पढ़ें: सुरक्षा गारंटी मिलने की बात से जेलेंस्की खुश; मैक्रों बोले- यूक्रेन को छोड़ने होंगे हारे हुए इलाके
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फ्रांसीसी प्रकाशन पेरिस मैच की खोजी पत्रकार रेजिस जेंटे और मिखाइल रुबिन के हवाले से एक्सप्रेस यूएस ने बताया कि रूसी राष्ट्रपति की संघीय सुरक्षा सेवा (एफपीएस) के सदस्य उनके अपशिष्ट को एकत्र करते हैं, उसे खास सूटकेस में रखते हैं। इन्हें वह अपने साथ लेकर चलते हैं।
एक्सप्रेस यूएस ने बताया कि यह सुरक्षा व्यवस्था कई वर्षों से चली आ रही है। इसमें मई 2017 में पुतिन के फ्रांस दौरा भी शामिल है। बताया जाता है कि इस सुरक्षा उपाय का मकसद विदेशी ताकतों को पुतिन के मल के नमूने लेने से रोकना है। इससे वे उनकी सेहतके बारे में जानकारी जुटा सकते हैं। पत्रकार फरिदा रस्तामोवा ने भी बताया कि वियना दौरे के दौरान भी पुतिन ने यह तरीका अपनाया था, जहां उन्होंने पोर्टेबल टॉयलेट का इस्तेमाल किया था। पुतिन ने यह तरीका 1999 से अपनाया हुआ है, जब से वह रूस का नेतृत्व कर रहे हैं।
ये भी पढ़ें: अमेरिका के सिएटल में पहली बार ‘इंडिया डे परेड’ का आयोजन, भारत की सांस्कृतिक विविधता की दिखी भव्य झलक
यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है, जब व्लादिमीर पुतिन (72 वर्षीय) की सेहत को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं। पिछले साल नवंबर में कजाखस्तान के अस्ताना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुतिन के पैर झटकने की वजह से चिंता बढ़ी थी। डॉक्टर बॉब बेरीओखिम ने आशंका जताई थी कि यह पार्किंसन जैसी न्यूरोलॉजिकल बीमारी हो सकती है। 2023 में पुतिन को बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंकों से मुलाकात के दौरान भी झटके खाते देखा गयाथा। 2022 में क्रेमलिन ने एक अफवाह को खारिज किया था कि पुतिन गिरने के बाद खुद को गंदा कर बैठे थे।
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रिपोर्ट में बताया गया, पुतिन के सुरक्षा गार्ड उनके मल को एकत्र करते हैं, जब भी वह विदेश यात्रा करते हैं और फिर रूस वापस लेकर आते हैं। बैठक के दौरान पुतिन की सुरक्षा के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। उनके चारों ओर सुरक्षा गार्ड मौजूद थे। पुतिन व रूसी खुफिया जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए कई कदम उठाए गए।
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फ्रांसीसी प्रकाशन पेरिस मैच की खोजी पत्रकार रेजिस जेंटे और मिखाइल रुबिन के हवाले से एक्सप्रेस यूएस ने बताया कि रूसी राष्ट्रपति की संघीय सुरक्षा सेवा (एफपीएस) के सदस्य उनके अपशिष्ट को एकत्र करते हैं, उसे खास सूटकेस में रखते हैं। इन्हें वह अपने साथ लेकर चलते हैं।
एक्सप्रेस यूएस ने बताया कि यह सुरक्षा व्यवस्था कई वर्षों से चली आ रही है। इसमें मई 2017 में पुतिन के फ्रांस दौरा भी शामिल है। बताया जाता है कि इस सुरक्षा उपाय का मकसद विदेशी ताकतों को पुतिन के मल के नमूने लेने से रोकना है। इससे वे उनकी सेहतके बारे में जानकारी जुटा सकते हैं। पत्रकार फरिदा रस्तामोवा ने भी बताया कि वियना दौरे के दौरान भी पुतिन ने यह तरीका अपनाया था, जहां उन्होंने पोर्टेबल टॉयलेट का इस्तेमाल किया था। पुतिन ने यह तरीका 1999 से अपनाया हुआ है, जब से वह रूस का नेतृत्व कर रहे हैं।
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यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है, जब व्लादिमीर पुतिन (72 वर्षीय) की सेहत को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं। पिछले साल नवंबर में कजाखस्तान के अस्ताना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुतिन के पैर झटकने की वजह से चिंता बढ़ी थी। डॉक्टर बॉब बेरीओखिम ने आशंका जताई थी कि यह पार्किंसन जैसी न्यूरोलॉजिकल बीमारी हो सकती है। 2023 में पुतिन को बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंकों से मुलाकात के दौरान भी झटके खाते देखा गयाथा। 2022 में क्रेमलिन ने एक अफवाह को खारिज किया था कि पुतिन गिरने के बाद खुद को गंदा कर बैठे थे।
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