USISPF: अंतरिक्ष विनिर्माण में FDI को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार को सराहा, बोले- इससे बढ़ेगी आत्मनिर्भरता
यूएसआईएसपीएफ ने कहा कि यह रणनीतिक निर्णय सही दिशा में एक सकारात्मक कदम का प्रतीक है। इससे अंतरिक्ष क्षेत्र में काम करने वाली विनिर्माण कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
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यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम ने भारत सरकार और भारतीय अंतरिक्ष विभाग को बधाई दी है। यूएसआईएसपीएफ ने अंतरिक्ष विनिर्माण के तीनों क्षेत्रों- उपग्रह, उपग्रह डेटा उत्पादों, ग्राउंड सेगमेंट के निर्माण में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष एफडीआई की अनुमति देने के लिए खुशी जताई है। निर्माण के लिए स्वचालित मार्ग से 74 प्रतिशत की अनुमति दी गई है
इसके अलावा, लॉन्च वाहनों और संबंधित प्रणालियों और उपप्रणालियों के लिए 49% तक की स्वचालित एफडीआई, उपग्रहों, ग्राउंड सेगमेंट और उपयोगकर्ता खंड के लिए घटकों और सिस्टम/उपप्रणालियों के निर्माण के लिए स्वचालित मार्ग में 100 % एफडीआई को जोड़ा गया है। बयान में यूएसआईएसपीएफ ने कहा कि यह रणनीतिक निर्णय सही दिशा में एक सकारात्मक कदम का प्रतीक है। इससे अंतरिक्ष क्षेत्र में काम करने वाली विनिर्माण कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा। निजी भागीदारी की वृद्धि से भारत की क्षमता अनलॉक होगी। इससे अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
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इसरो अध्यक्ष हाल ही में एस्ट्रोनॉटिकल सोसायटी ऑफ इंडिया, अहमदाबाद द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि चंद्रयान-3 का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा। हमने मिशन द्वारा भेजा गया डेटा भी एकत्र कर लिया है। वैज्ञानिक जांच भी शुरू हो गई है। हम चंद्रयान श्रृंखला को तब तक जारी रखना चाहते हैं जब तक कोई भारतीय चंद्रमा पर नहीं उतर जाता। हालांकि, इससे पहले हमें कई तकनीक में पारंगत होना होगा- जैसे चांद पर जाना और चांद से वापस आना। हम अगले मिशन में इसकी कोशिश करेंगे।
अगले साल दो मानव रहित मिशन शुरू करेगा इसरो
गगनयान के बारे में सोमनाथ ने कहा था कि इसरो इस साल एक मानव रहित मिशन, एक परीक्षण वाहन उड़ान मिशन और एक एयरड्रॉप परीक्षण करेगा। एयरड्रॉप परीक्षण 24 अप्रैल को होगा। अगले साल दो मानव रहित मिशन होंगे। दोनों मिशन ठीक रहा तो अगले साल के अंत कर इसरो मानव मिशन को शुरू करेगा।