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US: समलैंगिक संबंधों के दोषी पूर्व सैनिकों को राष्ट्रपति का क्षमादान, व्हाइट हाउस ने कहा- ऐतिहासिक गलती सुधारी
Thu, 27 Jun 2024 11:05 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 27 Jun 2024 11:05 AM IST
सार
राष्ट्रपति बाइडन ने एक बयान में कहा, 'आज, मैं अपने क्षमादान अधिकार का उपयोग करके कई पूर्व सेवा सदस्यों को क्षमा करने के लिए एक ऐतिहासिक गलती को सही कर रहा हूं, जिन्हें केवल उनकी पहचान के कारण दोषी ठहराया गया था।'
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जो बाइडन
- फोटो : ANI
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विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने बुधवार को अमेरिका के पूर्व सैन्यकर्मियों को क्षमादान दिया, जिन्हें सैन्य कानूनों के तहत समलैंगिक यौन संबंध बनाने का दोषी ठहराया गया था। अमेरिकी सेना में बीते 60 वर्षों से समलैंगिक यौन संबंधों को गैरकानूनी घोषित किया हुआ था। बाइडन ने सैन्य कानूनों के तहत साल 1951 से लेकर 2013 के बीच समलैंगिक संबंधों के दोषी करार दिए गए दो हजार लोगों को क्षमादान दिया।
'देशभक्त अमेरिकियों ने दशकों तक अन्याय झेला'
राष्ट्रपति बाइडन ने एक बयान में कहा, 'आज, मैं अपने क्षमादान अधिकार का उपयोग करके कई पूर्व सेवा सदस्यों को क्षमा करने के लिए एक ऐतिहासिक गलती को सही कर रहा हूं, जिन्हें केवल उनकी पहचान के कारण दोषी ठहराया गया था। उनके साहस और महान बलिदान के बावजूद, हजारों समलैंगिक सैनिकों को उनकी लिंग पहचान के कारण सेना से बाहर कर दिया गया। इनमें से कुछ देशभक्त अमेरिकियों को कोर्ट-मार्शल का सामना करना पड़ा और दशकों तक इस अन्याय का बोझ ढोया।'
'ऐतिहासिक गलती सुधारी'
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरीन जीन-पियरे ने इस कदम को 'एक ऐतिहासिक गलती को सुधारने' की दिशा में बढ़ाया गया कदम बताया और कहा कि अमेरिकी सेना का हर सदस्य सुरक्षित और सम्मानित महसूस करने का हकदार है। अमेरिकी सेना के 'यूनिफ़ॉर्म कोड ऑफ़ मिलिट्री जस्टिस' के अनुच्छेद 125 के तहत आपसी सहमति से भी 'समान या विपरीत लिंग के किसी अन्य व्यक्ति के साथ अप्राकृतिक शारीरिक संबंध बनाना अपराध था। अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार साल 2013 में कांग्रेस ने कानून के उस हिस्से को निरस्त करने के लिए मतदान किया, जो सहमति से किए गए समलैंगिक संबंधों को गैरकानूनी घोषित करता था।
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अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान जो बाइडन ने अपनी क्षमादान शक्तियों का उपयोग मुख्य रूप से अहिंसक ड्रग अपराधियों को क्षमा करने के लिए किया है। बाइडन ने अपने बयान में कहा कि 'बुधवार की घोषणा गरिमा, शालीनता और यह सुनिश्चित करने के बारे में थी कि हमारे सशस्त्र बलों की संस्कृति उन मूल्यों को प्रतिबिंबित करती है जो हमें एक असाधारण राष्ट्र बनाते हैं।'
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'देशभक्त अमेरिकियों ने दशकों तक अन्याय झेला'
राष्ट्रपति बाइडन ने एक बयान में कहा, 'आज, मैं अपने क्षमादान अधिकार का उपयोग करके कई पूर्व सेवा सदस्यों को क्षमा करने के लिए एक ऐतिहासिक गलती को सही कर रहा हूं, जिन्हें केवल उनकी पहचान के कारण दोषी ठहराया गया था। उनके साहस और महान बलिदान के बावजूद, हजारों समलैंगिक सैनिकों को उनकी लिंग पहचान के कारण सेना से बाहर कर दिया गया। इनमें से कुछ देशभक्त अमेरिकियों को कोर्ट-मार्शल का सामना करना पड़ा और दशकों तक इस अन्याय का बोझ ढोया।'
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'ऐतिहासिक गलती सुधारी'
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरीन जीन-पियरे ने इस कदम को 'एक ऐतिहासिक गलती को सुधारने' की दिशा में बढ़ाया गया कदम बताया और कहा कि अमेरिकी सेना का हर सदस्य सुरक्षित और सम्मानित महसूस करने का हकदार है। अमेरिकी सेना के 'यूनिफ़ॉर्म कोड ऑफ़ मिलिट्री जस्टिस' के अनुच्छेद 125 के तहत आपसी सहमति से भी 'समान या विपरीत लिंग के किसी अन्य व्यक्ति के साथ अप्राकृतिक शारीरिक संबंध बनाना अपराध था। अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार साल 2013 में कांग्रेस ने कानून के उस हिस्से को निरस्त करने के लिए मतदान किया, जो सहमति से किए गए समलैंगिक संबंधों को गैरकानूनी घोषित करता था।
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अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान जो बाइडन ने अपनी क्षमादान शक्तियों का उपयोग मुख्य रूप से अहिंसक ड्रग अपराधियों को क्षमा करने के लिए किया है। बाइडन ने अपने बयान में कहा कि 'बुधवार की घोषणा गरिमा, शालीनता और यह सुनिश्चित करने के बारे में थी कि हमारे सशस्त्र बलों की संस्कृति उन मूल्यों को प्रतिबिंबित करती है जो हमें एक असाधारण राष्ट्र बनाते हैं।'