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USA: भारत को विशेष चिंता वाला देश बताने पर भड़के अमेरिकी हिंदू, बोले- USCIRF में हमारा प्रतिनिधित्व ही नहीं

Sat, 18 May 2024 09:02 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: नितिन गौतम Updated Sat, 18 May 2024 09:02 AM IST
सार

USCIRF ने शुक्रवार को अपने तीन नए सदस्यों की नियुक्ति का एलान किया। जिसके तहत मौरीन फर्ग्युसन, विकी हार्जलर, आसिफ मोहम्मद को नया सदस्य बनाया गया है।

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USA hindus criticise uscirf representaion and report term india country of perticular concern
यूएससीआईआरएफ में हिंदुओं का प्रतिनिधित्व ही नहीं - फोटो : एएनआई

विस्तार

अमेरिका में रहने वाले हिंदू समुदाय ने अमेरिका के कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम की हालिया रिपोर्ट की आलोचना की है और कहा है कि यह रिपोर्ट गलत तथ्यों के आधार पर और पक्षपातपूर्ण तरीके से बनाई गई है। साथ ही इस बात पर भी नाराजगी जताई कि दुनिया के तीसरे सबसे बड़े हिंदू धर्म का कोई प्रतिनिधि यूएससीआईआरएफ के प्रतिनिधिमंडल में शामिल नहीं है। अमेरिका में भारतीयों के एक प्रमुख थिंक टैंक फाउंडेशन फॉर इंडिया एंड इंडियन डायस्पोरा स्टडीज के पॉलिसी और रणनीति अध्यक्ष खांडेराव कांड ने ये बात कही। 
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भारतीय डायस्पोरा ने लगाए आरोप
USCIRF ने शुक्रवार को अपने तीन नए सदस्यों की नियुक्ति का एलान किया। जिसके तहत मौरीन फर्ग्युसन, विकी हार्जलर, आसिफ मोहम्मद को नया सदस्य बनाया गया है, वहीं स्टीफन शेनेक और एरिक येलेंड की फिर से नियुक्ति की गई है। आयोग के पूर्व कमिश्नर अब्राहम कूपर, डेविड करी, फ्रेडरिक डेवी, मोहम्मद मैगिड, नूरी तुर्केल और फ्रैंक वोल्फ का कार्यकाल 14 मई को समाप्त हुआ है। खांडेराव कांड ने कहा कि यूएससीआईआरएफ के नेताओं ने एक बार फिर से वह ऐतिहासिक अवसर गंवा दिया, जिसमें वे आयोग में विविधता को संतुलित करते हुए नियुक्तियां करते। इस दुनिया में हर छह में से एक व्यक्ति हिंदू है, लेकिन आयोग में हिंदू धर्म का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। 
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यूएससीआईआरएफ की रिपोर्ट पक्षपाती
यूएससीआईआरएफ की सालाना रिपोर्ट भारत के प्रति पक्षपाती है। खांडेराव कांड ने कहा कि रिपोर्ट में कुछ तथ्य हैं, लेकिन यह पूरी सही तस्वीर नहीं दिखाती, इसमें कई तथ्यों को छिपा लिया गया है। यह भारत विरोधी रिपोर्ट है। रिपोर्ट में भारत को विशेष चिंता वाला देश बताया गया है, जो कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। भारत में दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में यूएससीआईआरएफ द्वारा भारत के प्रति ऐसी सिफारिश करना समझ से परे है। भारत का आधार ही विविधता और बहुलतावाद है। खांडेराव ने कहा कि रिपोर्ट में एक धर्म विशेष के मुद्दों पर ही ध्यान दिया गया है। भारत में हिंदू मुस्लिम दंगों का इतिहास रहा है, लेकिन बीते साल भारत में एक भी दंगा नहीं हुआ, लेकिन रिपोर्ट में इस बात पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया गया है। 
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विशेष चिंता वाले देशों में भारत को भी किया शामिल
यूएससीआईआरएफ ने इस महीने की शुरुआत में अपनी वार्षिक रिपोर्ट में 17 देशों को विशेष चिंता वाला देश बताया था। इन देशों पर मानवाधिकारों और धार्मिक आजादी के हनन के आरोप लगाए गए थे। इस लिस्ट में बर्मा, चीन, क्यूबा, एरिट्रिया, ईरान, निकारागुआ, उत्तर कोरिया, पाकिस्तान, रूस, सऊदी अरब, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान के साथ ही अफगानिस्तान, अजरबैजान, भारत, नाइजीरिया और वियतनाम शामिल हैं। 
 
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