{"_id":"687b29a208e4d96ee30f809a","slug":"us-why-public-protest-in-streets-after-arrest-of-egypt-person-police-lathicharge-arrest-know-whole-matter-2025-07-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"US: आखिर क्यों एक शख्स की गिरफ्तारी के बाद सड़कों पर उतरी जनता? पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज; जानें पूरा मामला","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
US: आखिर क्यों एक शख्स की गिरफ्तारी के बाद सड़कों पर उतरी जनता? पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज; जानें पूरा मामला
Sat, 19 Jul 2025 10:44 AM IST
हिमांशु चंदेल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Sat, 19 Jul 2025 10:44 AM IST
सार
सिनसिनाटी में मिस्र के प्रवासी आयमन सोलिमान की गिरफ्तारी के खिलाफ हुए प्रदर्शन में 13 लोग गिरफ्तार हुए, जिनमें दो पत्रकार भी शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने पुल जाम किया, जिससे ट्रैफिक रुका और पुलिस ने बल प्रयोग किया। पत्रकारों पर भी गंभीर आरोप लगे हैं।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
अमेरिका के सिनसिनाटी शहर में एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन उस समय तनावपूर्ण हो गया जब पुलिस ने कम से कम 13 लोगों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें दो पत्रकार भी शामिल हैं। यह प्रदर्शन एक मिस्र के प्रवासी अयमान सोलिमान की गिरफ्तारी के खिलाफ किया जा रहा था, जो एक अस्पताल में चैप्लिन (धार्मिक सलाहकार) के रूप में काम कर रहे थे और हाल ही में एक नियमित जांच के दौरान आईसीई (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट) द्वारा हिरासत में ले लिए गए।
प्रदर्शनकारी गुरुवार रात ओहायो नदी पर बने रोएब्लिंग ब्रिज पर पहुंचे और “ब्रिज बनाओ, दीवार नहीं” (Build Bridges Not Walls) जैसे नारे लगाते हुए ब्रिज को जाम कर दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ। एक वीडियो में देखा गया कि एक पुलिस अधिकारी एक प्रदर्शनकारी को जमीन पर पटकने के बाद कई बार घूंसे मारता है। इससे माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया।
पत्रकारों पर भी दायर किए गए केस
स्थानीय मीडिया सिटीबीट के लिए रिपोर्टिंग कर रहे रिपोर्टर मैडलिन फेनिंग और फोटो इंटर्न लुकास ग्रिफिथ को पुलिस ने “फेलोनी रायटिंग” (दंगा भड़काने) और अन्य गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया। सिटीबीट की संपादक एश्ले मूर ने इसकी पुष्टि की। शुक्रवार को कोर्ट में पेश किए गए इन सभी आरोपियों पर 2,500 डॉलर की जमानत तय की गई।
विज्ञापन
देशभर में पत्रकारों पर बढ़ते हमले
यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका में प्रदर्शन कवर कर रहे पत्रकारों को निशाना बनाया गया है। हाल ही में लॉस एंजेलिस में इमिग्रेशन छापों के विरोध में हुए प्रदर्शनों में दो दर्जन से अधिक पत्रकार घायल हुए। वहीं, जून में अटलांटा में एक स्पेनिश भाषा के पत्रकार मारियो ग्वेरा को गिरफ्तार किया गया और बाद में उन्हें आईसीई ने हिरासत में ले लिया, जबकि उनके पास वैध वर्क परमिट था।
ये भी पढ़ें- अफगानिस्तान में भूकंप के दो झटकों से दहशत का माहौल, म्यांमार में 3.7 तीव्रता से कांपी धरती
पुलिस ने दी सफाई, प्रदर्शनकारियों पर लगाए आरोप
कोविंग्टन पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि प्रदर्शनकारियों ने बार-बार चेतावनी के बावजूद ब्रिज खाली नहीं किया और कुछ ने पुलिस अधिकारियों को धमकाया। पुलिस के मुताबिक, इससे 'इमरजेंसी रिस्पॉन्स' में बाधा आई और ब्रिज जैसी अहम संरचना को अवरुद्ध करना आम नागरिकों के लिए भी खतरा बन गया।
ये भी पढ़ें- अमेरिकी विवि में पढ़ाई से भारतीयों का मोहभंग, कड़े वीजा नियमों से छात्रों की संख्या में 70 फीसदी की गिरावट
अयमान सोलिमान की रिहाई की मांग
अयमान सोलिमान की गिरफ्तारी को लेकर प्रदर्शनकारियों का गुस्सा साफ दिखा। उन्होंने ICE पर सवाल उठाए कि एक धार्मिक सेवा देने वाले नागरिक को, जो वर्षों से अमेरिका में रह रहा है, क्यों हिरासत में लिया गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से उसकी रिहाई की मांग की और भविष्य में ऐसे मामलों में अधिक मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की।
विज्ञापन
प्रदर्शनकारी गुरुवार रात ओहायो नदी पर बने रोएब्लिंग ब्रिज पर पहुंचे और “ब्रिज बनाओ, दीवार नहीं” (Build Bridges Not Walls) जैसे नारे लगाते हुए ब्रिज को जाम कर दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ। एक वीडियो में देखा गया कि एक पुलिस अधिकारी एक प्रदर्शनकारी को जमीन पर पटकने के बाद कई बार घूंसे मारता है। इससे माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया।
विज्ञापन
पत्रकारों पर भी दायर किए गए केस
स्थानीय मीडिया सिटीबीट के लिए रिपोर्टिंग कर रहे रिपोर्टर मैडलिन फेनिंग और फोटो इंटर्न लुकास ग्रिफिथ को पुलिस ने “फेलोनी रायटिंग” (दंगा भड़काने) और अन्य गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया। सिटीबीट की संपादक एश्ले मूर ने इसकी पुष्टि की। शुक्रवार को कोर्ट में पेश किए गए इन सभी आरोपियों पर 2,500 डॉलर की जमानत तय की गई।
विज्ञापन
देशभर में पत्रकारों पर बढ़ते हमले
यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका में प्रदर्शन कवर कर रहे पत्रकारों को निशाना बनाया गया है। हाल ही में लॉस एंजेलिस में इमिग्रेशन छापों के विरोध में हुए प्रदर्शनों में दो दर्जन से अधिक पत्रकार घायल हुए। वहीं, जून में अटलांटा में एक स्पेनिश भाषा के पत्रकार मारियो ग्वेरा को गिरफ्तार किया गया और बाद में उन्हें आईसीई ने हिरासत में ले लिया, जबकि उनके पास वैध वर्क परमिट था।
ये भी पढ़ें- अफगानिस्तान में भूकंप के दो झटकों से दहशत का माहौल, म्यांमार में 3.7 तीव्रता से कांपी धरती
पुलिस ने दी सफाई, प्रदर्शनकारियों पर लगाए आरोप
कोविंग्टन पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि प्रदर्शनकारियों ने बार-बार चेतावनी के बावजूद ब्रिज खाली नहीं किया और कुछ ने पुलिस अधिकारियों को धमकाया। पुलिस के मुताबिक, इससे 'इमरजेंसी रिस्पॉन्स' में बाधा आई और ब्रिज जैसी अहम संरचना को अवरुद्ध करना आम नागरिकों के लिए भी खतरा बन गया।
ये भी पढ़ें- अमेरिकी विवि में पढ़ाई से भारतीयों का मोहभंग, कड़े वीजा नियमों से छात्रों की संख्या में 70 फीसदी की गिरावट
अयमान सोलिमान की रिहाई की मांग
अयमान सोलिमान की गिरफ्तारी को लेकर प्रदर्शनकारियों का गुस्सा साफ दिखा। उन्होंने ICE पर सवाल उठाए कि एक धार्मिक सेवा देने वाले नागरिक को, जो वर्षों से अमेरिका में रह रहा है, क्यों हिरासत में लिया गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से उसकी रिहाई की मांग की और भविष्य में ऐसे मामलों में अधिक मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन