{"_id":"66eedcc924c8bcdd7c0180a4","slug":"us-white-house-officials-meet-pro-khalistan-leader-ahead-of-pm-modi-s-visit-2024-09-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"US: PM मोदी के दौरे से पहले व्हाइट हाउस के अफसरों ने खालिस्तान समर्थकों के साथ की बैठक, जानें क्या बात हुई","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
US: PM मोदी के दौरे से पहले व्हाइट हाउस के अफसरों ने खालिस्तान समर्थकों के साथ की बैठक, जानें क्या बात हुई
Sat, 21 Sep 2024 08:18 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 21 Sep 2024 08:18 PM IST
सार
US: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीन दिवसीय अमेरिका दौरे से पहले व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने खालिस्तान समर्थकों के साथ बैठक की। बैठक में अमेरिकी सरकार की तरफ से उन्हें सुरक्षा का आश्वासन देना था।
विज्ञापन
व्हाइट हाउस
- फोटो : एएनआई (फाइल)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीन दिवसीय अमेरिका दौरे से पहले व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने खालिस्तान समर्थकों के साथ बैठक की। बैठक में अमेरिकी सरकार की तरफ से उन्हें सुरक्षा का आश्वासन देना था। यह बैठक व्हाउस हाउस परिसर में हुई, जो पीएम मोदी की यात्रा से पहले खालिस्तान समर्थक समूहों की बढ़ी हुई चिंता का संकेत दे रही है।
विज्ञापन
इस बैठक में विभिन्न संगठनों के प्रमुख प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें सिख कोलिशन, सिख अमेरिकन लीगल डिफेंस एंड एजुकेशन फंड और अमेरिकन सिख कॉकस कमेटी के प्रमुख शामिल थे। अमेरिकन सिख कॉकस कमेटी के संस्थापक प्रीतपाल सिंह ने अमरिकी सरकार के प्रयासों के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा, हमें अमेरिकी सिखों की जिंदगी बचाने और हमारे समुदाय की सुरक्षा के लिए वरिष्ठ संघीय अधिकारियों को धन्यवाद देने का अवसर मिला। हमने उनसे सिख समुदाय के लिए और अधिक काम करने का अनुरोध किया।
विज्ञापन
सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी इस बात को दोहराया कि कार्यकर्ता सरकार से अपने वादों को पूरा करने की उम्मीद करते हैं। उन्होंने लिखा- स्वतंत्रता और न्याय की जीत होनी चाहिए। इस बैठक के जरिए यह स्पष्ट किया गया कि अमेरिकी सरकार सिख समुदाय के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से ले रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा से पहले यह सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है।
विज्ञापन
राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद और खालिस्तान समर्थक नेताओं के बीच यह पहली बार बैठक हुई है। हालांकि, चर्चा में क्या खास बात हुई, इसके बारे में जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि, माना जा रहा है कि व्हाइट हाउस ने विदेश से होने वाले हमलों के मुद्दे पर बात करने के लिए यह बैठक की।
यह बैठक हाल के एक अमेरिकी कानून बनाने के प्रयासों से जुड़ी है। इसी हफ्ते कांग्रेस (संसद) सदस्य एडलम शिफ्ट ने नया कानून 'ट्रांसनेशनल रेप्रेशन रिपोर्टिंग एक्ट 2024' बनाने के लिए मसौदा पेश किया है। इस विधेयक का मकसद यह है कि अगर कोई विदेशी व्यक्ति अमेरिका में किसी पर दबाव डालता है, तो उसे जिम्मेदार ठहराया जाएगा। इसके तहत, अटॉर्नी जनरल और अन्य सरकारी एजेंसियों को मिलकर रिपोर्ट बनानी होगी, ताकि वे इन दबाव के मामलों को सही से पहचान कर सकें।
इस संदर्भ में खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने हाल ही में भारत सरकार और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के खिलाफ एक नागरिक मुकदमा दायर किया। इस मामले के कारण न्यूयॉर्क की दक्षिणी जिला अदालत से समन जारी किया गया। पन्नून अमेरिका और कनाडा दोनों का नागरिक है। उसने भारतीय अधिकारियों पर अमेरिका में उसकी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। इससे खालिस्तानी समूहों और भारतीय अधिकारियों के बीच तनाव बढ़ गया है।