Nuclear: 'US भारत की मदद का इच्छुक; स्वच्छ ऊर्जा पर PM मोदी के नेतृत्व में बढ़ेगी बात'; होलटेक CEO क्रिस सिंह
Nuclear: 'US भारत की मदद का इच्छुक; स्वच्छ ऊर्जा पर PM मोदी के नेतृत्व में बढ़ेगी बात'; होलटेक CEO क्रिस सिंह
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भारत को परमाणु ऊर्जा पर नए सिरे से काम करने की जरूरत है। अमेरिका परमाणु बुनियादी ढांचा विकसित करने में भारत की मदद करने की इच्छा रखता है, क्योंकि दोनों देशों की इस क्षेत्र में काफी दिलचस्पी है। यह कहना है होलटेक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डॉ. क्रिस सिंह का। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस दिशा में बात आगे बढ़ेंगी।
कैमडेन, न्यूजर्सी स्थित कृष्णा पी सिंह प्रौद्योगिकी परिसर में खास बातचीत में सिंह ने कहा, भारत व अमेरिका की स्वच्छ ऊर्जा में रणनीतिक रुचि है… परमाणु ऊर्जा को एकता का सूत्रधार होना चाहिए और भारत को स्वाभाविक रूप से इसमें अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। इसके लिए, भारत के पास निर्यात योग्य प्रौद्योगिकी होनी चाहिए। होलटेक इंटरनेशनल एक विविध ऊर्जा प्रौद्योगिकी कंपनी है।
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कंपनी ने पिछले महीने घोषणा की थी कि अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने नई दिल्ली की सहमति से होलटेक इंटरनेशनल को भारत में कंपनी के छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर एसएमआर-300 को बेचने के लिए विशिष्ट अधिकार प्रदान किया है। होलटेक ने एक बयान में कहा था कि प्राधिकरण में तीन भारतीय कंपनियों लार्सन एंड टुब्रो (मुंबई), टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स (मुंबई) व कंपनी की अपनी सहायक कंपनी होलटेक एशिया (पुणे) को पात्र संस्थाओं के रूप में नामित किया है। उनके साथ होलटेक अपने एसएमआर-300 कार्यक्रम को क्रियान्वित करने के लिए आवश्यक तकनीकी जानकारी साझा कर सकती है।
8.5 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता में होना चाहिए कई गुना विस्तार
क्रिस सिंह ने कहा कि भारत का परमाणु ऊर्जा उत्पादन वर्तमान में 8.5 गीगावाट है। वर्ष 2047 तक इसे कई गुना बढ़ाया जाना चाहिए। तब भारत अपनी स्वतंत्रता का शताब्दी वर्ष मनाएगा। पीएम मोदी ने स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने भारत में हमारे रिएक्टर की स्थापना के लिए बाधाओं को दूर किया है। भारत अब अपना काम करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि भारत, कानून बनाने के लिए काम कर रहा है। शायद संसद के मानसून सत्र में देश में छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर) बनाने से निजी कंपनियों को रोकने वाले पिछले अधिनियमों में संशोधन का प्रस्ताव पेश किया जा सकता है।
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परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर पीएम मोदी से की चर्चा
पिछले साल सितंबर में क्रिस सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी। पीएम मोदी तब यहां संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सत्र के लिए आए थे। उन्होंने भारत में विनिर्माण का विस्तार करने की होलटेक की योजना व असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की थी।
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