{"_id":"68a4cca17ae26d4b830d95ad","slug":"us-treasury-secretary-scott-besant-india-profiteering-by-reselling-russian-oil-not-question-china-2025-08-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"India-US Tension: अमेरिका-भारत संबंध और तल्ख होने की आशंका, मंत्री बेसेंट बोले- रईस परिवार रूसी तेल से लाभ...","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
India-US Tension: अमेरिका-भारत संबंध और तल्ख होने की आशंका, मंत्री बेसेंट बोले- रईस परिवार रूसी तेल से लाभ...
Wed, 20 Aug 2025 12:42 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Wed, 20 Aug 2025 12:42 AM IST
सार
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट का आरोप है कि भारत रूस से सस्ता तेल खरीदकर उसे दोबारा बेच रहा है और इससे अतिरिक्त मुनाफा कमा रहा है। जबकि, चीन ऐसा नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के कुछ सबसे अमीर परिवारों ने रूसी तेल को दोबारा बेचकर 16 अरब डॉलर का अतिरिक्त मुनाफा कमाया है, जो एक अलग मामला है और बिल्कुल अस्वीकार्य है।
विज्ञापन
स्कॉट बेसेंट, अमेरिकी वित्त मंत्री
- फोटो : ANI
विस्तार
अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने मंगलवार (स्थानीय समयानुसार) को भारत के कुछ सबसे अमीर परिवारों पर आरोप लगाया है कि वे रूस से सस्ता तेल खरीदकर उसे मुनाफे पर बेच रहे हैं। हालांकि, उन्होंने चीन को लेकर नरमी दिखाई। बेसेंट के इस बयान से भारत-अमेरिका संबंध और तल्ख होने की आशंका है।
विज्ञापन
बेसेंट का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर कुल 50 फीसदी आयात शुल्क (टैरिफ) लगाया है। इसमें से 25 फीसदी टैरिफ विशेष तौर पर रूस से तल खरीद पर लगाया जाएगा, जो 27 अगस्त से लागू होगा। ट्रंप के इस फैसले से भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव बढ़ गया है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: North Korea: किम जोंग उन ने दक्षिण कोरिया-US संयुक्त सैन्य अभ्यास की निंदा की, परमाणु ताकत बढ़ाने का किया एलान
विज्ञापन
रूस से भारत का तेल आयात 40 फीसदी बढ़ा: बेसेंट
बेसेंट से जब एक साक्षात्कार में पूछा गया कि भारत और चीन को अलग-अलग क्यों देखा जा रहा है, तो उन्होंने जवाब दिया कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद रूस से चीन का तेल आयात केवल 3 फीसदी बढ़ा है, जबकि रूस से भारत का तेल आयात 40 फीसदी बढ़ा है। बेसेंट ने कहा, 'चीन का रूसी तेल आयात औसत से कम है। 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण से पहले की स्थिति देखें, तो चीन का 13 फीसदी तेल पहले से ही रूस से आता था, अब यह 16 फीसदी है। जबकि भारत का रूस से तेल आयात पहले 1 फीसदी से भी कम था, लेकिन अब यह 42 फीसदी तक पहुंच गया है।'
भारत बस मुनाफा कमा रहा
बेसेंट ने आगे कहा कि भारत बस मुनाफा कमा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के कुछ सबसे अमीर परिवारों ने रूसी तेल को दोबारा बेचकर 16 अरब डॉलर का अतिरिक्त मुनाफा कमाया है। उन्होंने कहा कि रूस से सस्ता तेल खरीदकर उसे दोबारा बेचना युद्ध के दौरान ही शुरू हुआ है और यह बिल्कुल अस्वीकार्य है।
भारत ने शुल्कों को गलत और अनुचित बताया
बेसेंट ने पिछले सप्ताह ट्रंप-पुतिन बैठक से पहले भी इसी तरह की टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि अगर शिखर सम्मेलन में ट्रंप और पुतिन के बीच चीजें ठीक नहीं रहीं, तो रूसी तेल खरीदने के लिए भारत पर अतिरिक्त प्रतिबंध बढ़ सकते हैं। वहीं, भारत ने इन शुल्कों को गलत और अनुचित बताया है। भारत का कहना है कि किसी भी बड़ी अर्थव्यवस्था की तरह, वह अपने राष्ट्रीय हितों और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा।
ये भी पढ़ें: US: ट्रंप के नवीनतम सैन्य फेरबदल में वायु सेना के शीर्ष अधिकारी भी शामिल, समय से पहले रिटायर होंगे जनरल ऑल्विन
भारत-अमेरिका के बीच बीटीए पर हो चुकी पांच दौर की वार्ता: जितिन प्रसाद
इस बीच, भारत के वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने मंगलवार को संसद को बताया कि भारत और अमेरिका के बीच एक बहु-क्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर बातचीत चल रही है। दोनों पक्षों के बीच अब तक पांच दौर की वार्ता हो चुकी है। छठे दौर की बातचीत 25 अगस्त से शुरू होनी थी, लेकिन अमेरिकी टीम ने अपनी यात्रा टाल दी है।
संबंधित वीडियो
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन