'टैरिफ से खेलोगे तो पड़ेगा महंगा': ट्रंप ने क्यों कई देशों को दी भारी शुल्क की धमकी? सुप्रीम कोर्ट पर भी बरसे
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले से दुनियाभर में हलचल तेज है। इसी बीच अब ट्रंप ने अपना सख्त रुख दिखाते हुए कई देशों को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि जो देश इस मामले में अमेरिका से खेल खेलने की कोशिश करेगा, उसपर और ज्यादा शुल्क लगाया जाएगा। आइए जानते हैं ट्रंप ने ऐसा क्यों कहा?
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति पर हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले ने वैश्विक राजनीति में गजब का तहलका मचा दिया है। इसी बीच अब इस मामले में ट्रंप ने एक साथ कई देशों को बड़ी चेतावनी दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि जो भी देश अमेरिका के टैरिफ के मामले में खेल खेलने की कोशिश करेगा, उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। ट्रंप ने अपने बयान में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले को बेतुका बताते हुए कहा कि कुछ देश इस फैसले का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई देश वर्षों, यहां तक कि दशकों से अमेरिका का आर्थिक रूप से फायदा उठाते रहे हैं। इतना ही नहीं ट्रंप ने साफ शब्दों में यह भी कहा कि अगर कोई देश हाल ही में हुए समझौतों के बावजूद अमेरिका के साथ चालाकी करने की कोशिश करेगा, तो उस पर पहले से तय टैरिफ (आयात शुल्क) से भी ज्यादा टैरिफ लगाया जाएगा।
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ऐसे देश के खिलाफ सख्त कदम उठाने की धमकी दी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आगे कहा कि हाल ही में अमेरिका के साथ समझौता करने के बाद अगर कोई देश चालाकी करता है तो ऐसे देशों के खिलाफ और भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। अपने बयान में उन्होंने साफ किया कि ट्रंप ने उनकी सरकार अमेरिका के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका कई देशों के साथ व्यापार समझौतों और टैरिफ को लेकर बातचीत कर रहा है। माना जा रहा है कि यह संदेश उन देशों के लिए है जो व्यापार नियमों या न्यायिक फैसलों का फायदा उठाकर अमेरिका पर दबाव बनाने की कोशिश कर सकते हैं।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला, और ट्रंप का रुख
बता दें कि ये पूरा मामला तब शुरू हुआ जब बीते दिनों अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए वैश्विक आयात शुल्क को 6-3 के बहुमत से रद्द कर बड़ा झटका दिया। मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स की अगुवाई में कोर्ट ने साफ कहा कि राष्ट्रपति ने अपने अधिकारों से आगे बढ़कर ये टैरिफ लगाए थे, जो कि गैरकानूनी हैं।
इस फैसले के तुरंत बाद ट्रंप ने 20 फरवरी को हीं एक नया एलान कर वैश्विक जगत में टैरिफ को लेकर हलचल और बढ़ा दी है। ट्रंप के एलान में कहा गया है कि 24 फरवरी 2026 से 150 दिनों के लिए अमेरिका में आयात होने वाले सामान पर 10 प्रतिशत का अस्थायी अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा, जिससे वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता फिर बढ़ गई है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप का यू-टर्न, बोले– फैसले ने मेरी ताकत और बढ़ा दी
हालांकि दूसरी ओर इससे पहले ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनके वैश्विक टैरिफ (आयात शुल्क) को रद्द किए जाने पर कहा कि अदालत का फैसला भले ही उनके खिलाफ गया हो, लेकिन इससे उनकी शक्तियां और मजबूत हो गई हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बेतुका और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभाजन पैदा करने वाला बताया। उन्होंने लिखा कि सुप्रीम कोर्ट ने अनजाने में उन्हें पहले से ज्यादा ताकत दे दी है, क्योंकि अब वे दूसरे कानूनों के तहत टैरिफ लगाने का अधिकार इस्तेमाल कर सकते हैं।
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सुप्रीम कोर्ट ने क्या फैसला दिया?
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी को 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाया कि ट्रंप ने 1977 के कानून अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम (IEEPA) का गलत इस्तेमाल किया। अदालत ने कहा कि यह कानून राष्ट्रीय सुरक्षा आपातकाल के लिए बना था, न कि सामान्य व्यापार नीति के तहत व्यापक टैरिफ लगाने के लिए।
ट्रंप बोले- अब और सख्ती से लगाएंगे टैरिफ
फैसले के बाद ट्रंप ने कहा कि अदालत ने बाकी टैरिफ अधिकारों को मान्यता दे दी है, जिन्हें वह और ज्यादा ताकत के साथ लागू कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह लाइसेंस व्यवस्था के जरिए विदेशी देशों के खिलाफ सख्त कदम उठा सकते हैं। ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि अदालत का बहुमत अमेरिका के हितों के खिलाफ गया है और फैसले को देशभक्ति के खिलाफ बताया।
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