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US Visa Rules: 80वीं UNGA बैठक से पहले अमेरिका का सख्त कदम, कई फलस्तीनी अधिकारियों के वीजा किए रद्द

Sat, 30 Aug 2025 04:48 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: शुभम कुमार Updated Sat, 30 Aug 2025 04:48 AM IST
सार

संयुक्त राष्ट्र महासभा की उच्च स्तरीय बैठक से पहले अमेरिका ने फलस्तीनी अथॉरिटी और पीएलओ के कई अधिकारियों के वीजा रद्द कर दिए। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने यह कदम शांति प्रयासों में बाधा और आतंकवाद पर चुप्पी के चलते उठाया। अमेरिका ने नए वीजा आवेदनों को भी खारिज किया है।

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US revokes visas of Palestinian officials ahead of UN General Assembly News In Hindi
मार्को रुबियो, विदेश मंत्री, अमेरिका - फोटो : एएनआई

विस्तार

संयुक्त राष्ट्र महासभा की आगामी उच्च स्तरीय बैठक से पहले अमेरिका ने एक बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने फलस्तीनी अथॉरिटी (पीए) और फलस्तीन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन (पीएलओ) के कई अधिकारियों के वीजा रद्द कर दिए हैं। इसके साथ ही कुछ नए वीजा आवेदन भी खारिज कर दिए गए हैं।

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मामले में अमेरिकी विदेश विभाग ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि यह फैसला पीए और पीएलओ को उनकी प्रतिबद्धताओं का पालन न करने और शांति प्रयासों को कमजोर करने के लिए जिम्मेदार ठहराने के तहत लिया गया है। साथ ही विभाग ने यह भी कहा कि जब तक ये संगठन आतंकवाद की आलोचना नहीं करते और शिक्षा में उकसावे को बंद नहीं करते, तब तक उन्हें शांति का साझेदार नहीं माना जा सकता।
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विदेश विभाग ने दी अहम जानकारी
दूसरी ओर विभाग ने यह स्पष्ट नहीं किया गया कि कितने वीजा रद्द किए गए हैं या कितने आवेदन खारिज किए गए हैं। हालांकि बयान में यह जरूर कहा गया कि संयुक्त राष्ट्र में कार्यरत फलस्तीनी मिशन के अधिकारियों को मेजबान देश समझौते के तहत वीजा छूट दी जाएगी, ताकि वे न्यूयॉर्क में अपना काम जारी रख सकें।


स्वास्थ्य कार्यक्रम को भी किया निलंबित
इसी के साथ, अमेरिका ने एक स्वास्थ्य कार्यक्रम भी निलंबित कर दिया है जिसके तहत गाजा से घायल फलस्तीनी बच्चों को इलाज के लिए अमेरिका लाया जाता था। इस फैसले पर कुछ रूढ़िवादी अमेरिकी नेताओं के सोशल मीडिया विरोध के बाद कार्रवाई की गई।


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फलस्तीन के यूएन राजदूत ने दी प्रतिक्रिया
इसके साथ ही अमेरिका के इस निर्णय पर फलस्तीन के संयुक्त राष्ट्र राजदूत रियाद मंसूर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस फैसले की जानकारी मिल गई है और अब वे इसके असर का आकलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास अगले महीने होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में भाग लेने वाले हैं और वहां भाषण भी देंगे।

गौरतलब है कि राष्ट्रपति अब्बास इसके अलावा 22 सितंबर को फ्रांस और सऊदी अरब द्वारा सह-अध्यक्षता की जा रही एक उच्च स्तरीय बैठक में भी हिस्सा लेंगे, जिसमें दो-राज्य समाधान यानी इस्राइल और स्वतंत्र फलस्तीन के सह-अस्तित्व पर चर्चा होगी। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब इजरायली सेना ने गाजा के सबसे बड़े शहर को युद्ध क्षेत्र घोषित कर दिया है और अमेरिका फलस्तीनी पक्ष पर दबाव बढ़ा रहा है।

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