फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   US report: TTP aims to push Pakistan govt out of Khyber Pakhtunkhwa

US Report: अमेरिकी विदेश विभाग ने दी चेतावनी, टीटीपी का लक्ष्य पाकिस्तान सरकार को खैबर पख्तूनख्वा से बाहर करना

Thu, 02 Mar 2023 04:10 AM IST
देव कश्यप एएनआई, इस्लामाबाद।
एएनआई, इस्लामाबाद। Published by: देव कश्यप Updated Thu, 02 Mar 2023 04:10 AM IST
सार

अमेरिकी विदेश विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, टीटीपी अल कायदा से वैचारिक मार्गदर्शन प्राप्त करता है, जबकि अल कायदा के लोग अफगान-पाकिस्तान सीमा के साथ लगने वाले पश्तून क्षेत्रों में सुरक्षित आश्रय के लिए टीटीपी पर भरोसा करते हैं।

विज्ञापन
US report: TTP aims to push Pakistan govt out of Khyber Pakhtunkhwa
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिकी विदेश विभाग की एक रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) का लक्ष्य पाकिस्तान की सरकार को खैबर पख्तूनख्वा से बाहर धकेलना है। साथ ही सेना और सरकार के खिलाफ आतंकवादी अभियान चलाकर शरिया कानून की स्थापना करना है। पाकिस्तान स्थित डॉन अखबार ने यह जानकारी दी है।

विज्ञापन


आतंकवाद पर देश की रिपोर्ट 2021 के अनुसार, टीटीपी अपने गुर्गों को प्रशिक्षित और संचालन करने के लिए अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा के साथ लगने वाले कबायली क्षेत्र का उपयोग करता है।अमेरिकी विदेश विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, टीटीपी अल कायदा से वैचारिक मार्गदर्शन प्राप्त करता है, जबकि अल कायदा के लोग अफगान-पाकिस्तान सीमा के साथ लगने वाले पश्तून क्षेत्रों में सुरक्षित आश्रय के लिए टीटीपी पर भरोसा करते हैं। इस व्यवस्था ने टीटीपी को अल कायदा के वैश्विक आतंकवादी नेटवर्क और इसके सदस्यों की परिचालन विशेषज्ञता दोनों तक पहुंच प्रदान की है।

विज्ञापन


रिपोर्ट के अनुसार, समीक्षाधीन वर्ष यानी 2021 के दौरान पाकिस्तान ने महत्वपूर्ण आतंकवादी गतिविधियों का अनुभव किया है। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, आतंकवाद और आर्थिक गतिविधियों की कमी के बीच की कड़ी को रेखांकित करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका पाकिस्तान में व्यापार और आर्थिक विकास का समर्थन करने के लिए सहायता प्रदान करता है। पाकिस्तान को मिलने वाली अमेरिकी सहायता में अमेरिकी व्यवसायों, नागरिक समाज और अफगानिस्तान की सीमा से लगे क्षेत्रों के साथ साझेदारी शामिल है। रिपोर्ट बताती है कि यह सहायता पाकिस्तानी लोगों के जीवन में सुधार लाने और अमेरिक के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए है।

विज्ञापन
विज्ञापन


डॉन के अनुसार रिपोर्ट में कहा गया है, अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों में गलतफहमियों और जटिलताओं को कम करने के लिए लोगों से लोगों के बीच आदान-प्रदान का समर्थन करना जारी रखे हुए है।इस बीच, अमेरिकी रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार निक्की हेली ने बुधवार को कहा कि एक मजबूत अमेरिका दुनिया का एटीएम नहीं होगा। उन्होंने कहा कि एक कमजोर अमेरिका बुरे लोगों को भुगतान करता है और अकेले 2022 में पाकिस्तान, इराक और जिम्बाब्वे को करोड़ों डॉलर की सहायता दी गई है।


हेली ने हाल ही में कहा था कि सत्ता में आने पर वह अमेरिका से नफरत करने वाले देशों को मिलने वाली विदेशी सहायता में पूरी तरह की कटौती करेंगी। इसमें चीन, पाकिस्तान और अन्य विरोधी देश शामिल हैं। हेली के मुताबिक, अमेरिका ने पिछले साल विदेशी सहायता के नाम पर 46 अरब डॉलर खर्च किए, यह अब तक किसी भी अन्य देश से अधिक है। उन्होंने कहा कि मैं अपने दुश्मनों को मदद के तौर पर भेजी जा रही फंडिंग को पूरी तरह रोक दूंगी। उन्होंने कहा कि करदाताओं को यह जानने का अधिकार है कि यह पैसा कहां जा रहा है और इस पैसे से क्या हो रहा है। वे यह जानकर चौंक जाएंगे कि इसका अधिकांश हिस्सा अमेरिकी विरोधी देशों को फंडिंग करने में चला जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed