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US: ट्रंप सरकार में नियुक्ति के लिए आज सीनेट के सामने पेश होंगी तुलसी गबार्ड, कड़े सवालों का करना पड़ेगा सामना

Thu, 30 Jan 2025 01:23 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: नितिन गौतम Updated Thu, 30 Jan 2025 01:23 PM IST
सार

तुलसी गबार्ड के पास खुफिया विभाग में काम करने या कोई भी सरकारी एजेंसी का नेतृत्व करने का अनुभव नहीं है। इसके चलते तुलसी को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। 

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US president donald pick Tulsi Gabbard kash patel will face grilling at senate for confirmation
तुलसी गबार्ड - फोटो : fb/tulsigabbard

विस्तार

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सरकार में तुलसी गबार्ड और कश पटेल को अहम जिम्मेदारियों के लिए नामित किया है। अब इन पदों पर नियुक्ति की पुष्टि के लिए दोनों नेता गुरुवार को सीनेट के सामने पेश होंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों नेताओं को पुष्टि के लिए सीनेट सांसदों के कड़े सवालों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के बहुमत को देखते हुए दोनों की नियुक्ति की पुष्टि होने के आसार हैं। 
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तुलसी गबार्ड को इन मुद्दों पर हो सकती है परेशानी
ट्रंप ने तुलसी गबार्ड को अपनी सरकार में यूएस नेशनल इंटेलीजेंस का निदेशक नामित किया है। गुरुवार को गबार्ड सीनेट की खुफिया मामलों की समिति के सामने पेश होंगी, जो उनकी नियुक्ति पर अंतिम मुहर लगाएगी। तुलसी गबार्ड अमेरिकी सेना के नेशनल गार्ड विभाग में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर सेवाएं दे चुकी हैं और दो बार पश्चिम एशिया में भी तैनात रही हैं। तुलसी गबार्ड साल 2020 में अमेरिका के राष्ट्रपति पद की रेस में भी शामिल थीं, लेकिन वे सफल नहीं हो सकीं थी। तुलसी गबार्ड के पास खुफिया विभाग में काम करने या कोई भी सरकारी एजेंसी का नेतृत्व करने का अनुभव नहीं है। इसके चलते तुलसी को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। 
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इनके अलावा तुलसी गबार्ड ने रूस के समर्थन वाले बयान दिए, जिसमें कथित तौर पर रूस के यूक्रेन पर हमले को जायज ठहराया गया था। गबार्ड, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की आलोचना भी कर चुकी हैं। तुलसी गबार्ड ने सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल असद से साल 2017 में मुलाकात की थी, जिसके बाद गबार्ड की आलोचना हुई थी। तुलसी गबार्ड ने ये भी कहा था कि उन्हें संशय है कि असद ने रसायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया। ये कुछ वजह हैं, जिन्हें लेकर तुलसी गबार्ड को सीनेट की पुष्टि के लिए मुश्किल सवालों का सामना करना पड़ सकता है। 
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कश पटेल की राह में भी आ सकती है अड़चन
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने करीबी सहयोगी कश पटेल को शीर्ष संघीय एजेंसी एफबीआई का नया निदेशक नियुक्त किया है। हालांकि कश पटेल एफबीआई की सार्वजनिक तौर पर आलोचना कर चुके हैं और वे एफबीआई मुख्यालय को बंद करने की भी बात कर चुके हैं। कुछ सांसद कश पटेल की योग्यता पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि कश पटेल को भी सीनेट से मंजूरी के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। 
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