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ट्रंप का पेनसिल्वेनिया में दायर मुकदमा खारिज, पर्यवेक्षकों ने पुनर्मतगणना को बाधित करने की कोशिश की

Sun, 22 Nov 2020 09:31 AM IST
Sneha Baluni वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: Sneha Baluni Updated Sun, 22 Nov 2020 09:31 AM IST
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us judge turned down request for an injunction by trump campaign in pennsylvania observers obstruct recount
डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

अमेरिका में एक संघीय न्यायाधीश ने देश के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अभियान की ओर से पेनसिल्वेनिया में दायर उस मुकदमे को खारिज कर दिया है जिसमें लाखों मतों को अवैध घोषित करने की मांग की गई थी। इसके अलावा विस्कॉन्सिन की सबसे बड़ी काउंटी के चुनाव अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पर्यवक्षकों ने राष्ट्रपति पद के चुनाव की पुनर्मतगणना को बाधित करने की कोशिश की और कई बार गणना के लिए निकाले गए हर मतपत्र पर आपत्ति जताई।

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यूएस मिडल डिस्ट्रिक्ट ऑफ पेनसिल्वेनिया के न्यायाधीश मैथ्यू ब्राउन ने ट्रंप अभियान का अनुरोध शनिवार को खारिज कर दिया, जिससे तीन नवंबर को हुए चुनाव के परिणामों को चुनौती देने के राष्ट्रपति ट्रंप के प्रयासों को खासा झटका लगा है। राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडन विजयी रहे हैं।
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न्यायाधीश ब्रान ने फैसले में कहा कि ट्रंप अभियान ने दस्तावेजों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया और आरोपों के समर्थन में सबूत पेश नहीं किए। ट्रंप अभियान ने मतदान प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए इस महीने की शुरुआत में मुकदमा दायर किया था। नव-निर्वाचित राष्ट्रपति बाइडन ने पेनसिल्वेनिया में ट्रंप को 81,000 से भी अधिक मतों के अंतर से पछाड़ दिया। इस महत्वपूर्ण राज्य में 20 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हैं।
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ट्रंप पर्यवेक्षकों ने पुनर्मतगणना बाधित करने की कोशिश की
ट्रंप ने मिलवॉकी और डेन काउंटी में फिर से मतगणना कराने का अनुरोध किया था। डेमोक्रेटिक नेता जो बाइडन ने यहां 20,600 मतों के अंतर से जीत हासिल की है। इससे पहले इतने बड़े अंतर से मिली कोई जीत पुनर्मतगणना के बाद हार में नहीं बदली है। ऐसे में कई लोगों का यह मानना है कि ट्रंप फिर से मतगणना इसलिए करा रहे हैं, ताकि वह अंतत: अदालत में यहां मतदान को चुनौती दे सकें। ट्रंप ने कई अहम राज्यों में चुनाव परिणाम को अदालत में चुनौती दी है।

काउंटी क्लर्क जॉर्ज क्रिस्टनसन ने शनिवार को कहा कि मिलवॉकी में रिपब्लिकन सदस्यों के बार-बार शिकायत करने के कारण पुनर्मतगणना में तय समय से बहुत देरी हुई। उन्होंने कहा कि ट्रंप के पर्यवेक्षक मतगणना करने वालों से बार-बार सवाल करके और टिप्पणियां करके मतों की फिर से गणना को लगातार बाधित करने की कोशिश कर रहे थे।

क्रिस्टनसन ने कहा, 'यह अस्वीकार्य है।'  उन्होंने कहा कि ट्रंप के कुछ पर्यवेक्षकों को 'स्पष्ट रूप से यह पता ही नहीं है, वे क्या कर रहे हैं।' काउंटी के चुनाव आयुक्त टिम पोस्नानस्की ने कहा कि पुनर्मतगणना की एक मेज पर ट्रंप के एक पर्यवेक्षक ने हर उस मतपत्र पर आपत्ति जताई, जिसे बैग से निकाला गया।


पोस्नानस्की ने कहा कि इस बात के 'प्रथमदृष्ट्या प्रमाण हैं कि ट्रंप प्रचार मुहिम ने बदनीयत से काम किया।' ट्रंप चुनाव प्रचार मुहिम की ओर से आयोग के सदस्यों से बात करने वाले वकील जो वोइलैंड ने इस बात से इनकार किया कि उनके पक्ष ने बदनीयत से काम किया।

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