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ट्रंप के दावों में कितना दम?: ईरान की मिसाइल लॉन्चर और ड्रोन हमलों की क्षमता बरकरार, खुफिया रिपोर्ट में खुलासा

Fri, 03 Apr 2026 12:19 PM IST
Devesh Tripathi वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: Devesh Tripathi Updated Fri, 03 Apr 2026 12:19 PM IST
सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ युद्ध छिड़ने के एक हफ्ते बाद से ही दावा करना शुरू कर दिया था कि उन्होंने तेहरान की सैन्य ताकत को खत्म कर दिया है। हालांकि, एक अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट ने ट्रंप के इस दावे को महज दावा ही बता दिया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने सुरंगों और गुफाओं के नेटवर्क में बड़ी संख्या में मिसाइल लॉन्चर और ड्रोन छिपा रखे हैं।

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US intelligence assessments finds Iran retains significant strike capacity missile launchers drones arsenal
पश्चिम एशिया संकट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अमेरिका-इस्राइल की ओर से ईरान के खिलाफ छेड़ी गई जंग को एक महीने से ज्यादा हो चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों से इतर संयुक्त हमलों में तेहरान के हथियारों के जखीरे पर बहुत ज्यादा असर पड़ता नहीं दिख रहा है। 
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एक अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान पर अमेरिका और इस्राइल द्वारा बड़े पैमाने पर हमले किए जाने के बावजूद तेहरान के लगभग आधे मिसाइल लॉन्चर अभी भी बरकरार हैं और हजारों हमलावर ड्रोन उसके शस्त्रागार में मौजूद हैं।
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तबाही मचाने को तैयार है ईरान : रिपोर्ट
सीएनएन की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि खुफिया जानकारी से परिचित एक सूत्र ने बताया, "वे अभी भी पूरे क्षेत्र में भारी तबाही मचाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।" रिपोर्ट के अनुसार, इन आकलनों से यह भी पता चलता है कि ईरान ने बड़ी संख्या में मिसाइलों को सुरक्षित रखा है, जिसमें उसकी क्रूज मिसाइलों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी शामिल है। यह मिसाइलें होर्मुज जलडमरूमध्य को नियंत्रित करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।

हालांकि ईरान के नौसैनिक जहाज काफी हद तक नष्ट हो गए हैं, लेकिन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) से जुड़े अलग नौसैनिक बलों ने अपनी लगभग आधी क्षमता बरकरार रखी है। सीएनएन की रिपोर्ट में बताए गए सूत्रों के अनुसार, उनके पास हजारों नहीं, तो सैकड़ों छोटी नौकाएं और मानव रहित पोत अभी भी हैं।


सुरंगों में छिपाया हथियारों का जखीरा
खुफिया जानकारी से पता चलता है कि ईरान द्वारा भूमिगत सुविधाओं का उपयोग उसके मिसाइल लॉन्चरों को संरक्षित करने में मददगार रहा है। देश ने लंबे समय से अपने लॉन्चरों को सुरंगों और गुफाओं के विशाल नेटवर्क में छुपा रखा है, जिससे उन्हें निशाना बनाना विशेष रूप से कठिन हो गया है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति ने बुधवार को अमेरिकी सैन्य अभियानों को पूरा करने के लिए दो से तीन सप्ताह की समय-सीमा निर्धारित की थी। हालांकि, खुफिया आकलनों की समीक्षा करने वाले एक सूत्र ने इस समय-सीमा को अवास्तविक बताया है। इस्राइल, खाड़ी में अमेरिका के सहयोगी और अमेरिकी सैनिक, ईरान से नियमित मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर रहे हैं।

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