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'हमारे द्विपक्षीय संबंध अब बेहद मजबूत': अमेरिकी दूत डैन नेग्रेआ बोले- वैश्विक स्तर पर अग्रणी देश है भारत
Fri, 17 Jul 2026 04:37 AM IST
राकेश कुमार
एजेंसी, न्यूयॉर्क।
एजेंसी, न्यूयॉर्क।
Published by: राकेश कुमार
Updated Fri, 17 Jul 2026 04:37 AM IST
सार
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी प्रतिनिधि डैन नेग्रेआ ने भारत को कई क्षेत्रों में वैश्विक नेता बताते हुए द्विपक्षीय संबंधों को बेहद मजबूत बताया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में भारत का भारी निवेश दोनों देशों के लिए फायदेमंद है। ट्रंप प्रशासन द्वारा सर्जियो गोर को भारत का नया राजदूत नियुक्त करना इन रिश्तों की अहमियत को दर्शाता है। इसके साथ ही अमेरिका ने आतंकवाद पर पाकिस्तान को सख्त संदेश भी दिया है।
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भारत अमेरिका संबंध ( प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : FreePik
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विस्तार
भारत को कई क्षेत्रों में अग्रणी बताते हुए वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी डैन नेग्रेआ ने कहा कि भारत ने अमेरिका में भारी निवेश किया है और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध बेहद शानदार हैं। संयुक्त राष्ट्र आर्थिक-सामाजिक परिषद में अमेरिकी प्रतिनिधि व राजदूत डैन नेग्रेआ ने कहा, भारत के पास देने के लिए बहुत कुछ है। ऐसे कई क्षेत्र हैं जिनमें भारत दुनिया का नेतृत्व कर रहा है।नेग्रेआ न्यूयॉर्क अमेरिकी उच्च स्तरीय मंच के परिणाम विषय पर एक प्रेसवार्ता में बोल रहे थे।
नेग्रेआ ने कहा, भारत-अमेरिका दोनों ही देश एक-दूसरे के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। संयुक्त राष्ट्र में दक्षिण सहयोग में भारत के योगदान पर बोलते हुए नेग्रेआ ने द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती पर जोर देते हुए कहा, भारत के साथ संबंध वाकई बेहतरीन हैं। अमेरिका में भारत की ओर से बड़ा निवेश किया गया है। भारत का कहना है कि हमारे पास अतिरिक्त पूंजी है। हां, हम भारत में विकास कार्यों में निवेश कर रहे हैं, लेकिन हमारे लिए भी निवेश करना फायदेमंद है। इसलिए हम दोनों देश बेहद करीबी सहयोग हैं। मालूम हो कि अमेरिका हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने और समुद्री सुरक्षा के लिए भारत को एक प्रमुख रक्षा भागीदार मानता है।
पाकिस्तान को आतंकवाद पर सख्त संदेश
पाकिस्तान को अमेरिकी सहायता और इस्लामाबाद द्वारा आतंकवादी संगठनों को पनाह देने की चिंताओं नेग्रेआ ने दो टूक कहा कि जहां शांति और सुरक्षा नहीं होती, वहां विकास नहीं हो सकता। यदि किसी देश की नीतियां ऐसी हैं जो घरेलू अशांति पैदा करती हैं या पड़ोसियों के साथ टकराव बढ़ाती हैं, तो वहां कोई निवेश नहीं होगा। सामान्य तौर पर हमारी सोच इसी भावना पर आधारित है।
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अमेरिकी मकसद निवेश का माहौल बनाना
नेग्रेआ ने कहा, अमेरिकी मकसद सरकारी मदद देना नहीं, बल्कि ऐसे हालात बनाना है जहां निजी क्षेत्र किसी देश में निवेश कर सके। उन्होंने कहा, यदि आप उन देशों को देखें जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में आर्थिक रूप से अच्छा प्रदर्शन किया है, तो उन सभी में कुछ प्रमुख विशेषताएं समान रही हैं। वहां कानून का शासन है और अदालतें भरोसेमंद हैं। उन देशों में निवेशक कानून के तहत पैसा लगा सकते हैं कि निवेश के बाद उन्हें पैसा मिल जाए।
सहायता के बदले व्यापार की नई नीति
नेग्रेआ ने अंतरराष्ट्रीय आर्थिक विकास के ढर्रे को मुक्त बाजार नीतियों, एफडीआई और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यावसायिक साझेदारियों की ओर ले जाने के अमेरिकी दृष्टिकोण को रेखांकित किया। संयुक्त राष्ट्र उच्च स्तरीय राजनीतिक मंच के इतर अमेरिकी मिशन द्वारा आयोजित ट्रेड ओवर एड फोरम में विकासशील देशों में निवेश के अनुकूल माहौल को बढ़ावा देने अंतरराष्ट्रीय संगठनों को साथ लाने की बात कही और सहायता के बदले व्यापार की नई नीति पर जोर दिया।
सर्जियो गोर का जिक्र
नेग्रेआ ने यह भी रेखांकित किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सबसे करीबी सहयोगियों में से एक, सर्जियो गोर को भारत में राजदूत नियुक्त किया है, जो इस द्विपक्षीय रिश्ते के महत्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा, एक राजदूत के लिए इससे अहम कुछ नहीं हो सकता कि उसकी पहुंच उस देश के शीर्ष नीति-निर्माता (राष्ट्रपति) तक हो, जिसका वह प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर, मध्य एशिया के विशेष दूत भी हैं और इस तरह वे भारत के साथ बहुपक्षीय मामलों में और भी करीबी हो जाते हैं।
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नेग्रेआ ने कहा, भारत-अमेरिका दोनों ही देश एक-दूसरे के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। संयुक्त राष्ट्र में दक्षिण सहयोग में भारत के योगदान पर बोलते हुए नेग्रेआ ने द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती पर जोर देते हुए कहा, भारत के साथ संबंध वाकई बेहतरीन हैं। अमेरिका में भारत की ओर से बड़ा निवेश किया गया है। भारत का कहना है कि हमारे पास अतिरिक्त पूंजी है। हां, हम भारत में विकास कार्यों में निवेश कर रहे हैं, लेकिन हमारे लिए भी निवेश करना फायदेमंद है। इसलिए हम दोनों देश बेहद करीबी सहयोग हैं। मालूम हो कि अमेरिका हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने और समुद्री सुरक्षा के लिए भारत को एक प्रमुख रक्षा भागीदार मानता है।
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पाकिस्तान को आतंकवाद पर सख्त संदेश
पाकिस्तान को अमेरिकी सहायता और इस्लामाबाद द्वारा आतंकवादी संगठनों को पनाह देने की चिंताओं नेग्रेआ ने दो टूक कहा कि जहां शांति और सुरक्षा नहीं होती, वहां विकास नहीं हो सकता। यदि किसी देश की नीतियां ऐसी हैं जो घरेलू अशांति पैदा करती हैं या पड़ोसियों के साथ टकराव बढ़ाती हैं, तो वहां कोई निवेश नहीं होगा। सामान्य तौर पर हमारी सोच इसी भावना पर आधारित है।
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अमेरिकी मकसद निवेश का माहौल बनाना
नेग्रेआ ने कहा, अमेरिकी मकसद सरकारी मदद देना नहीं, बल्कि ऐसे हालात बनाना है जहां निजी क्षेत्र किसी देश में निवेश कर सके। उन्होंने कहा, यदि आप उन देशों को देखें जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में आर्थिक रूप से अच्छा प्रदर्शन किया है, तो उन सभी में कुछ प्रमुख विशेषताएं समान रही हैं। वहां कानून का शासन है और अदालतें भरोसेमंद हैं। उन देशों में निवेशक कानून के तहत पैसा लगा सकते हैं कि निवेश के बाद उन्हें पैसा मिल जाए।
सहायता के बदले व्यापार की नई नीति
नेग्रेआ ने अंतरराष्ट्रीय आर्थिक विकास के ढर्रे को मुक्त बाजार नीतियों, एफडीआई और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यावसायिक साझेदारियों की ओर ले जाने के अमेरिकी दृष्टिकोण को रेखांकित किया। संयुक्त राष्ट्र उच्च स्तरीय राजनीतिक मंच के इतर अमेरिकी मिशन द्वारा आयोजित ट्रेड ओवर एड फोरम में विकासशील देशों में निवेश के अनुकूल माहौल को बढ़ावा देने अंतरराष्ट्रीय संगठनों को साथ लाने की बात कही और सहायता के बदले व्यापार की नई नीति पर जोर दिया।
सर्जियो गोर का जिक्र
नेग्रेआ ने यह भी रेखांकित किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सबसे करीबी सहयोगियों में से एक, सर्जियो गोर को भारत में राजदूत नियुक्त किया है, जो इस द्विपक्षीय रिश्ते के महत्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा, एक राजदूत के लिए इससे अहम कुछ नहीं हो सकता कि उसकी पहुंच उस देश के शीर्ष नीति-निर्माता (राष्ट्रपति) तक हो, जिसका वह प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर, मध्य एशिया के विशेष दूत भी हैं और इस तरह वे भारत के साथ बहुपक्षीय मामलों में और भी करीबी हो जाते हैं।