US: अफगानिस्तान में बगराम एयरबेस दोबारा हासिल करना चाहते हैं ट्रंप, बना रहे रणनीति; चीन के खतरे का दिया हवाला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि वे अफगानिस्तान के बगराम एयरबेस को दोबारा हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इसे चीन के परमाणु ठिकानों के करीब होने के चलते रणनीतिक रूप से अहम बताया। 2021 में अमेरिका की वापसी के बाद यह बेस तालिबान के कब्जे में चला गया था।
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने हालिया बयान में इस बात पर जोर दिया कि वे अफगानिस्तान के बगराम एयरबेस को फिर से हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने ये बात ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ एक प्रेस वार्ता के दौरान कही। उन्होंने इसे ब्रेकिंग न्यूज बताया और कहा कि यह कदम चीन के बढ़ते खतरे को ध्यान में रखते हुए उठाया जा रहा है। ट्रंप ने कहा कि हम बगराम एयरबेस को वापस पाने की कोशिश कर रहे हैं। क्योंकि चीन के परमाणु हथियार बनाने वाले इलाके से यह बेस सिर्फ एक घंटे की दूरी पर है। इसलिए यह हमारे लिए रणनीतिक रूप से बहुत अहम है।
क्या है बगराम एयरबेस?
बता दें कि बगराम एयरबेस अफगानिस्तान का सबसे बड़ा सैन्य ठिकाना था, जिसका इस्तेमाल अमेरिका ने 20 साल तक किया। 2021 में अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की अराजक वापसी के बाद यह एयरबेस तालिबान के हाथ में चला गया था। उस दौरान अफगान सरकार गिर गई थी, काबुल एयरपोर्ट पर अफरातफरी मच गई थी और एक आत्मघाती हमले में 13 अमेरिकी सैनिकों समेत 170 लोग मारे गए थे।
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बाइडन पर ट्रंप ने साधा निशाना
इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर पूर्व अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि हम भी अफगानिस्तान से निकलने वाले थे, लेकिन ताकत और गरिमा के साथ। हमने बगराम बेस तालिबान को मुफ्त में दे दिया। यह एक बड़ी गलती थी। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अफगानिस्तान से इस तरह से हटने के कारण ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को यूक्रेन पर हमला करने की हिम्मत मिली।
तालिबान के मानने और ना मानने पर भी बोले ट्रंप?
इसके साथ ही ट्रंप ने अपने इस फैसले को लेकर तालिबान की प्रतिक्रिया का भी जिक्र किया। उन्होंने संकेत दिया कि तालिबान इस प्रस्ताव पर विचार कर सकता है क्योंकि उसे अमेरिका से कुछ मदद की जरूरत है। हालांकि, अमेरिका और तालिबान के बीच अब कोई औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं। बावजूद इसके दोनों पक्षों के बीच कुछ बातचीत हो रही है, जैसे कि हाल ही में एक अमेरिकी बंधक की रिहाई और संभावित कैदी अदला-बदली की बात सामने आई है।
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इस एयरबेस को लेकर अमेरिका का वास्तविक स्टैंड क्या है?
गौरतलब है कि व्हाइट हाउस और पेंटागन की तरफ से अब तक यह साफ नहीं किया गया है कि क्या बगराम एयरबेस पर फिर से कब्जा करने की कोई औपचारिक योजना चल रही है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के कार्यालय ने इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की है और मामला व्हाइट हाउस पर छोड़ दिया है।