US: कांग्रेस के सामने पेश होंगे शीर्ष अमेरिकी अधिकारी, ईरान युद्ध-घरेलू आतंकी खतरों पर हो सकते हैं कड़े सवाल
अमेरिका के शीर्ष खुफिया अधिकारी संसद में ईरान युद्ध और देश के भीतर बढ़ते आतंकी खतरों पर जवाब देंगे। इस दौरान ईरान के स्कूल पर हुए मिसाइल हमले में 165 लोगों की मौत और खुफिया जानकारी पर गंभीर सवाल उठने की उम्मीद है। साथ ही, प्रशासन के अंदरूनी मतभेदों और एफबीआई नेतृत्व से जुड़े मुद्दों पर कड़े सवाल हो सकते हैं।।
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ईरान के स्कूल पर हमले का देना होगा जवाब
हाउस और सीनेट की खुफिया समितियों के सामने होने वाली यह गवाही मुख्य रूप से युद्ध पर केंद्रित रहने की उम्मीद है। इस सुनवाई का सबसे बड़ा मुद्दा ईरान के एक स्कूल पर हुआ मिसाइल हमला हो सकता है। इस हमले में 165 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी। शुरुआती रिपोर्टों से पता चला है कि डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी (डीआईए) की पुरानी और गलत जानकारी की वजह से यह मिसाइल स्कूल पर जा गिरी। डीआईए के डायरेक्टर लेफ्टिनेंट जनरल जेम्स एच. एडम्स से इस बड़ी चूक पर जवाब मांगा जा सरता है। व्हाइट हाउस ने कहा है कि इस घटना की जांच अभी जारी है।
प्रशासन के भीतर भी खींचतान तेज
ईरान युद्ध को लेकर अमेरिकी प्रशासन के अंदर भी खींचतान मची है। नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर के डायरेक्टर जो केंट ने हाल ही में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने साफ कहा कि वे इस युद्ध का समर्थन नहीं कर सकते। केंट के अनुसार, ईरान से अमेरिका को कोई ऐसा खतरा नहीं है जिसके लिए युद्ध किया जाए। नेशनल इंटेलिजेंस की डायरेक्टर तुलसी गबार्ड और सीआईए के निदेशक जॉन रैटक्लिफ से ईरान के बारे में हाल ही में मिले खुफिया आकलन (इंटेलिजेंस असेसमेंट) को लेकर भी सवाल पूछे जा सकते हैं। इनमें से एक आकलन में यह कहा गया था कि अमेरिकी हमलों से तेहरान में सत्ता परिवर्तन होने की संभावना कम ही है, जबकि दूसरे आकलन में इस दावे पर ही संदेह जताया गया था कि ईरान पहले हमला करने की तैयारी कर रहा था।
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अमेरिका के भीतर बढ़ता आतंकी खतरा
संसद में अमेरिका के घरेलू हालातों पर भी चर्चा होगी। हाल के दिनों में मिशिगन के एक यहूदी प्रार्थना स्थल और वर्जीनिया की एक यूनिवर्सिटी में हमले हुए हैं। इसके अलावा, टेक्सास के एक बार में गोलीबारी हुई जहां हमलावर के कपड़ों पर ईरानी झंडा बना था। न्यूयॉर्क में मेयर के घर के बाहर विस्फोटक लाने के आरोप में दो लोगों को पकड़ा गया है। इन घटनाओं ने देश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एफबीआई-काश पटेल की भूमिका उठ रहे सवाल
एफबीआई के मुखिया काश पटेल की कार्यशैली भी जांच के घेरे में है। उन्होंने पिछले एक साल में कई अनुभवी एजेंटों को नौकरी से निकाल दिया है। जानकारों का मानना है कि इससे देश की सुरक्षा क्षमता कमजोर हो सकती है। काश पटेल पहली बार सार्वजनिक रूप से संसद के सामने आएंगे। उनसे उनके नेतृत्व और हालिया विवादों पर सवाल पूछे जा सकते हैं। एफबीआई का कहना है कि वह देश की सुरक्षा के लिए दिन-रात काम कर रही है, लेकिन संसद सदस्य सुरक्षा में लगी सेंध को लेकर स्पष्टीकरण चाहते हैं।
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