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US China: ड्रैगन से रिश्ते सुधारने में जुटा अमेरिका, पर शक बरकरार! पेंटागन को चीनी पोर्ट के इस्तेमाल से रोका
Fri, 22 Dec 2023 11:04 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 22 Dec 2023 11:04 AM IST
सार
अमेरिकी कांग्रेस ने हाल ही में एक ऐसा प्रस्ताव पास किया है, जिसमें अमेरिका के रक्षा मंत्रालय पेंटागन को दुनिया में कहीं भी चीन के लॉजिस्टिक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी गई है।
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चीन अमेरिका के शीर्ष सैन्य अधिकारियों की होगी बैठक
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
अमेरिका, चीन से अपने रिश्ते सुधारने की कवायद में जुटा है। इसके लिए बीते दिनों चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका का दौरा किया था और वहां अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से भी मुलाकात की थी। अब खबर आई है कि अमेरिका के जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल सीक्यू ब्राउन जूनियर और उनके चीनी सहयोगी जनरल लिउ झेनिल गुरुवार को एक बैठक करेंगे। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी।
शीर्ष सैन्य अधिकारियों की होगी बैठक
अमेरिकी सेना के प्रवक्ता कैप्टन जेरियल डोर्सी ने बताया कि यह बैठक दोनों देशों के बीच विश्वास बढ़ाने, जिम्मेदाराना प्रतिस्पर्धा करने और दोनों देशों के बीच बातचीत की लाइनें खुली रखने को लेकर बात होगी। बता दें कि दोनों देशों के रिश्तों में तनाव है और साल 2022 में जब अमेरिका की तत्कालीन स्पीकर नैंसी पेलोसी ने ताइवान का दौरा किया था तो उसके बाद दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट आ गई थी। अब उस कड़वाहट को कम करने की कोशिश की जा रही है और उसी के तहत लगातार शीर्ष स्तर पर बैठकें की जा रही हैं। हालांकि दोनों देशों के रिश्तों में अभी भी विश्वास की कमी साफ झलकती है।
पेंटागन के चीनी बंदरगाह इस्तेमाल करने पर रोक
बता दें कि अमेरिकी कांग्रेस ने हाल ही में एक ऐसा प्रस्ताव पास किया है, जिसमें अमेरिका के रक्षा मंत्रालय पेंटागन को दुनिया में कहीं भी चीन के लॉजिस्टिक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी गई है। अमेरिकी सांसदों का मानना है कि चीन अपने लॉजिस्टिक प्लेटफॉर्म की मदद से अमेरिका की सेना की सप्लाई चेन पर नजर रखता है और साथ ही अमेरिकी जहाजों की मूवमेंट की भी निगरानी करता है।
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अमेरिका ने इस प्रतिबंध के लिए अपने कानून नेशनल डिफेंस ऑथराइजेशन एक्ट में संशोधन किया है। हालांकि राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होने के बाद भी इसे लागू होने में अभी छह महीने का वक्त लग सकता है। बता दें की चीन ने 60 देशों में 100 से ज्यादा बंदरगाहों में निवेश किया हुआ है, जहां चीन के लॉजिस्टिक प्लेटफॉर्म हैं।
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शीर्ष सैन्य अधिकारियों की होगी बैठक
अमेरिकी सेना के प्रवक्ता कैप्टन जेरियल डोर्सी ने बताया कि यह बैठक दोनों देशों के बीच विश्वास बढ़ाने, जिम्मेदाराना प्रतिस्पर्धा करने और दोनों देशों के बीच बातचीत की लाइनें खुली रखने को लेकर बात होगी। बता दें कि दोनों देशों के रिश्तों में तनाव है और साल 2022 में जब अमेरिका की तत्कालीन स्पीकर नैंसी पेलोसी ने ताइवान का दौरा किया था तो उसके बाद दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट आ गई थी। अब उस कड़वाहट को कम करने की कोशिश की जा रही है और उसी के तहत लगातार शीर्ष स्तर पर बैठकें की जा रही हैं। हालांकि दोनों देशों के रिश्तों में अभी भी विश्वास की कमी साफ झलकती है।
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पेंटागन के चीनी बंदरगाह इस्तेमाल करने पर रोक
बता दें कि अमेरिकी कांग्रेस ने हाल ही में एक ऐसा प्रस्ताव पास किया है, जिसमें अमेरिका के रक्षा मंत्रालय पेंटागन को दुनिया में कहीं भी चीन के लॉजिस्टिक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी गई है। अमेरिकी सांसदों का मानना है कि चीन अपने लॉजिस्टिक प्लेटफॉर्म की मदद से अमेरिका की सेना की सप्लाई चेन पर नजर रखता है और साथ ही अमेरिकी जहाजों की मूवमेंट की भी निगरानी करता है।
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अमेरिका ने इस प्रतिबंध के लिए अपने कानून नेशनल डिफेंस ऑथराइजेशन एक्ट में संशोधन किया है। हालांकि राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होने के बाद भी इसे लागू होने में अभी छह महीने का वक्त लग सकता है। बता दें की चीन ने 60 देशों में 100 से ज्यादा बंदरगाहों में निवेश किया हुआ है, जहां चीन के लॉजिस्टिक प्लेटफॉर्म हैं।