फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   US and allies to prepare 'fulsome group response' to China's export curbs on rare earth minerals: Bessent

US: 'चीन को मिलकर देंगे जवाब..', दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर प्रतिबंध को लेकर बोले अमेरिकी विदेश मंत्री

Wed, 15 Oct 2025 10:58 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन। Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 15 Oct 2025 10:58 PM IST
सार

US: चीन की ओर से दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद अमेरिका ने कहा कि वह भारत, यूरोप और अन्य सहयोगी देशों के साथ मिलकर सामूहिक प्रतिक्रिया देने की तैयारी करेगा। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि यह केवल चीन बनाम एक देश नहीं, बल्कि चीन बनाम पूरी दुनिया की स्थिति है और सहयोगियों से समर्थन की उम्मीद है।

विज्ञापन
US and allies to prepare 'fulsome group response' to China's export curbs on rare earth minerals: Bessent
स्कॉट बेसेंट, अमेरिका के वित्त मंत्री - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने बुधवार को कहा कि अमेरिका भारत सहित अन्य सहयोगी देशों के साथ मिलकर चीन की ओर से दुर्लभ खनिजों पर लगाए गए निर्यात प्रतिबंधों के खिलाफ 'सामूहिक प्रतिक्रिया' की तैयारी करेगा। चीन इन खनिजों पर दबदबा रखता है। उसने यह आरोप लगाते हुए हाल ही में इनके खनन और प्रसंस्करण पर और अधिक नियंत्रण उपायों की घोषणा की कि कुछ विदेशी कंपनियां उसके खनिजों का उपयोग सैन्य उद्देश्य के लिए कर रही हैं।
विज्ञापन


चीन के इस कदम से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नाराज हैं, जिन्होंने चीन से आने वाली वस्तुओं पर 100 फीसदी तक के शुल्क की धमकी दी है। बेंसेंट ने बुधवार को सीएनबीसी से कहा, हम यूरोपीय सहयोगियों, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, भारत और एशियाई लोकतंत्रों से बात करने जा रहे हैं। अगर हम इस परएक सामूहिक प्रतिक्रिया देंगे, क्योंकि चीन के नौकरशाह बाकी दुनिया के लिए आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) या विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) प्रक्रियाको नियंत्रित नहीं कर सकते। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच 48 घंटे का संघर्षविराम; ताजा झड़प में 50 लोगों की गई जान
विज्ञापन
विज्ञापन

 
दुनिया में दुर्लभ खनिजों (रेअर अर्थ मिनरल) के खनन का लगभग 70 फीसदी चीन के पास है, लेकिन प्रसंस्करण गतिविधियों में वह 90 फीसदी से अधिक नियंत्रित करता है, जिससे वह आधुनिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाली इन धातुओं का लगभग एकमात्र आपूर्तिकर्ता बन जाता है। अमेरिका, यूरोपीय संघ और भारत तीनों चीन के इन खनिजों के शीर्ष आयातक हैं।

फॉक्स बिजनेस के साथ एक साक्षात्कार में बेसेंट ने कहा कि वॉशिंगटन भारत और अन्य सहयोगी राष्ट्रों से समर्थन की उम्मीद करता है। उन्होंने कहा, यह चीन बनाम दुनिया है। चीन ने पूरी मुक्त दुनिया की आपूर्ति श्रृंखला और औद्योगिक ढांचे पर हमला करने जैसा संकेत दिया है। बेसेंट ने आगे कहा, हम पहले ही सहयोगियों से संपर्क कर चुके हैं। इस हफ्ते हम उनसे मिलेंगे और मुझे उम्मीद है कि हमें यूरोप, भारत और एशिया के लोकतंत्रों से व्यापक वैश्विक समर्थन मिलेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed