तहकीकात: यूएन लेगा ईरान के परमाणु कार्यक्रम का जायजा, मारियानो ग्रॉसी सरकार के साथ करेंगे उच्चस्तरीय बैठक
आईएईए के महानिदेशक ग्रॉसी खास तौर से ईरानी सरकार के साथ उच्च स्तरीय बैठकें करेंगे और मार्च 2023 में ईरान के साथ सहमति वाले संयुक्त बयान से जुड़े सभी पहलुओं पर तकनीकी चर्चा करेंगे। उनके दौरे का मकसद आईएईए और ईरान के बीच सहयोग के जरिये इस्लामिक गणराज्य के तेजी से आगे बढ़ते परमाणु कार्यक्रम पर बड़े पैमाने पर जांच की राह को आगे बढ़ाना है।
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संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की परमाणु निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा (आईएईए) के महानिदेशक मारियानो ग्रॉसी ने रविवार को कहा कि वह आने वाले दिनों में ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में बातचीत करने ईरान जाएंगे। उनकी यह यात्रा इस्राइल-हमास युद्ध से मध्य पूर्व में फैले तनाव के साथ ही जनवरी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति पद संभालने के बाद ईरान पर उनके रुख की अनिश्चिता के बीच हो रही है।
आईएईए के महानिदेशक ग्रॉसी खास तौर से ईरानी सरकार के साथ उच्च स्तरीय बैठकें करेंगे और मार्च 2023 में ईरान के साथ सहमति वाले संयुक्त बयान से जुड़े सभी पहलुओं पर तकनीकी चर्चा करेंगे। उनके दौरे का मकसद आईएईए और ईरान के बीच सहयोग के जरिये इस्लामिक गणराज्य के तेजी से आगे बढ़ते परमाणु कार्यक्रम पर बड़े पैमाने पर जांच की राह को आगे बढ़ाना है। ग्रॉसी ने कहा कि यह जरूरी है कि हम मार्च 2023 में ईरान के साथ सहमति वाले संयुक्त बयान को अमल में लाने के लिए ठोस प्रगति करें। इसे लेकर तेहरान की मेरी यात्रा बहुत अहम होगी।
आईएईए ने चेताया चाहे तो कई परमाणु बम बना सकता है ईरान
ग्रॉसी ने चेतावनी दी है कि ईरान के पास पर्याप्त यूरेनियम है जो हथियार के स्तर तक संवर्धित है और अगर वह चाहे तो कई परमाणु बम बना सकता है। उन्होंने स्वीकार किया है कि यूएन एजेंसी यह गारंटी नहीं दे सकती कि ईरान के किसी भी सेंट्रीफ्यूज (अपकेंद्रित) को गुप्त संवर्धन के लिए हटाया नहीं गया हो। आईएईए की हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ा रहा है और अंतरराष्ट्रीय मांगों को दरकिनार कर हथियार के स्तर तक संवर्धित यूरेनियम के अपने भंडार को बढ़ाना जारी रखे हुए है। हालांकि, आगे इससे ईरान की समस्या भी बढ़ने वाली है।
परमाणु साइटों का करेगा निरीक्षण व सत्यापन
ग्रासी के दौरे का उद्देश्य उन साइटों का निरीक्षण करना भी है जहां यूएन को संभावित अघोषित परमाणु गतिविधि होने की आशंका है। इसके साथ ही आईएईए को आगे और सही तरीके से सत्यापन और निगरानी से जुड़ी गतिविधियों को लागू करने की मंजूरी दी जाएगी। आईएईए ने एक बयान में कहा गया है कि तेहरान में होने वाली बैठकें सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ ग्रॉसी की बातचीत पर आधारित होंगी। बता दें कि अमेरिका ने भी ईरान के परमाणु कार्यक्रम का कड़ा विरोध किया है।
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