UK: ऋषि सुनक पर सुएला ब्रेवरमैन को गृहमंत्री के पद से बर्खास्त करने का दबाव, अखबार के लेख को लेकर विवाद बढ़ा
UK: डाउनिंग स्ट्रीट में सुनक के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा है कि उन्हें गृहमंत्री पर पूरा भरोसा है। उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि 'द टाइम्स' के ऑप-एड (संपादकीय पृष्ठ के विपरीत) की सामग्री को उनके बॉस की पूरी मंजूरी नहीं मिली थी।
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक पर अपनी गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन को बर्खास्त करने का दबाव है, क्योंकि लंदन में इस्राइल-हमास के प्रदर्शनों से निपटने को लेकर मेट्रोपोलिटन पुलिस पर हमला करने वाले उनके विवादास्पद अखबार के लेख को लेकर विवाद जोर पकड़ रहा है। इस बीच, डाउनिंग स्ट्रीट में सुनक के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा है कि उन्हें गृहमंत्री पर पूरा भरोसा है। उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि 'द टाइम्स' के ऑप-एड (संपादकीय पृष्ठ के विपरीत) की सामग्री को उनके बॉस की पूरी मंजूरी नहीं मिली थी।
इस लेख में बुधवार को सख्त शब्दों का इस्तेमाल करते हुए मेट्रोपोलिटन पुलिस पर दोहरे मानदंड और फलस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारियों के आक्रामक होने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई न करने का आरोप लगाया गया था। विवाद के बारे में पूछे जाने पर ब्रिटेन के चांसलर जेरेमी हंट ने प्रसारकों से कहा, 'उन्होंने जिन शब्दों का इस्तेमाल किया, वे ऐसे शब्द नहीं हैं जिनका इस्तेमाल मैंने खुद कभी किया होगा।'
वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री ने उनके रुख से स्पष्ट रूप से दूरी बनाते हुए जोर देकर कहा कि एक सहयोगी के रूप में उनके साथ उनके अच्छे संबंध हैं और दोहराया कि सुनक को उन पर पूरा भरोसा है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब विपक्षी लेबर पार्टी, लिबरल डेमोक्रेट्स और यहां तक कि ब्रेवरमैन की कंजरवेटिव पार्टी के कुछ लोग भी उनके काम को लेकर उन्हें पद से हटाने की मांग कर रहे हैं।
लेबर पार्टी के शैडो मंत्रियों में से एक डैरेन जोन्स ने सुनक से ब्रेवरमैन को बर्खास्त करने की मांग की और कहा कि सुएला ब्रेवरमैन को अपने विचार रखने का हक है, लेकिन उन्हें कैबिनेट की बैठक में निजी तौर पर अपनी बात रखनी चाहिए और सरकार को स्पष्ट स्थिति में आना चाहिए।
लेबर पार्टी के सांसद ने कहा कि द टाइम्स के अपने लेख में उन्होंने जो रुख रखा है, वह मूल रूप से गृह मंत्री होने की उनकी जिम्मेदारी का उल्लंघन है क्योंकि यह पुलिस को तय करना है कि हमारी सड़कों पर व्यवस्था कैसे बनाए रखी जाए। यह विवाद तब और बढ़ गया जब यह बात सामने आई है कि ब्रिटेन भर के बलों के 1,000 से अधिक अधिकारियों को इस सप्ताहांत मेट्रोपॉलिटन पुलिस की मदद के लिए तैनात किया जाएगा।