UAE: 'भारत-यूएई संबंधों ने नई ऊचाइंयों को छुआ', पीएम मोदी के अबू धाबी दौरे से पहले बोले भारतीय राजदूत
UAE: पीएम नरेंद्र मोदी के आगामी दौरे को लेकर भारतीय राजदूत सुधीर ने कहा कि यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण दौरा होने जा रहा है। बीते नौ से दस वर्षों को देखें तो भारत और यूएई संबंधों ने नई ऊंचाईयों को छुआ है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13-14 फरवरी तक संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के आधिकारिक दौरे पर जाएंगे। इस दौरान वह अबू धाबी में बने एक हिंदू मंदिर का उद्घाटन भी करेंगे। उनकी यात्रा से पहले यूएई में भारत के राजदूत संजय सुधीर ने कहा कि दोनों देशों के बीच खास रिश्ते हैं, जो लगातार आगे बढ़ रहे हैं।
राजदूत सुधीर ने कहा, यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण दौरा होने जा रहा है। अगर आप बीते नौ से दस वर्षों को देखें तो भारत और यूएई संबंधों ने नई ऊंचाईयों को छुआ है। ये संबंध प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के दृष्टिकोण से निर्देशित और पोषित हैं। उन्होंने कहा, जब आप किसी रिश्ते को इस स्तर तक आगे बढ़ाते हैं, तो नेताओं को एक-दूसरे से मिलते रहने की जरूरत होती है। इसलिए, इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी की आगामी यात्रा यूएई की उनकी सातवीं यात्रा होगी। बीते आठ महीनों में यह उनकी यूएई की चौथी यात्रा होगी। इसी अवधि में यूएई से शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान पहले ही दो बार भारत का दौरा कर चुके हैं। इसलिए, यह एक बहुत ही खास रिश्ता है। यह रिश्ता बीते उन्नीस वर्षों से ऊंचाई की ओर जा रहा है।
बीएपीएस मंदिर के उद्घाटन को लेकर उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि यह मंदिर भारत और खाड़ी देशों के बीच सदियों से सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक संबंधों को दिखाता है। खास बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2015 में अपनी पहली यूएई यात्रा के दौरान इस मंदिर को बनाने की घोषणा की गई थी। आज, मंदिर एक हकीकत है। विशाल आकार के इस मंदिर में आपको कला भी दिखेगी। मंदिर में हजारों भारतीय कारीगरों ने काम किया है।
भारतीय समुदाय के साथ प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर राजदूत ने कहा, यूएई करीब 3.5 मिलियन (35 लाख) भारतीय लोगों का घर है। यह दुनिया में कहीं भी भारतीय लोगों की सबसे बड़ी संख्या है। प्रवासी भारतीय जहां भी होते हैं, वे प्रधानमंत्री को सामने सुनने के लिए उत्सुक रहते हैं। हम यहां उत्साह देख सकते हैं, क्योंकि हमने जब पंजीकरण शुरू किया तो पंजीकरण के लिए 65 हजार का आंकड़ा पार हो गया। इसलिए हमें पंजीकरण बंद करना पड़ा, क्योकि हम इतने लोगों को समायोजित नहीं कर सकते थे। भारतीय समुदाय के लोग प्रधानमंत्री को सुनने के लिए उत्सुक हैं।